मरम्मत के नाम पर लाखों खर्च हल्की बारिश ही खोलती है पोल

Updated at : 02 Aug 2018 5:18 AM (IST)
विज्ञापन
मरम्मत के नाम पर लाखों खर्च हल्की बारिश ही खोलती है पोल

हाल ही में आरडब्लूडी से आरसीडी को हस्तानांतरित करने की शुरू की गयी है प्रक्रिया कपरफोड़ा पुल के निर्माण में हो रही लेटलतीफी का खामियाजा भुगज रहे हैं लोग अररिया : हल्की बारिश ही डोमरा सड़क की खास्ता हालत की पोल खोल कर रख देती है. इस सड़क पर 15 किमी की दुरी राहगिरों के […]

विज्ञापन

हाल ही में आरडब्लूडी से आरसीडी को हस्तानांतरित करने की शुरू की गयी है प्रक्रिया

कपरफोड़ा पुल के निर्माण में हो रही लेटलतीफी का खामियाजा भुगज रहे हैं लोग
अररिया : हल्की बारिश ही डोमरा सड़क की खास्ता हालत की पोल खोल कर रख देती है. इस सड़क पर 15 किमी की दुरी राहगिरों के लिए चार घंटे की लंबी यात्रा करने को विवश कर डालती है. बारिश के महिने में इस सड़क के स्थिति से अपरिचित राहगिरों के लिए तो स्थिति करो या मरो की हो जाती है. एक बार इस सड़क में जैसे-जैसे आगे बढ़ते चले गये तो फिर वापस लौट पाना मुश्किल होता है. आरडब्लूडी के अधीन इस सड़क का ऐतिहासिक महत्व भी रहा है. बनारश के डोम राजा द्वारा बनाये गये डोमरा सड़क का लगभग 49 किमी हिस्सा अररिया व किशनगंज के जिले को छूता हुआ पश्चिम बंगाल की तरफ निकल जाता है.
फारबिसगंज, कुर्साकांटा प्रखंड को फारबिसगंज शहर से जोड़ता यह सड़क कई मायनों में महत्वपूर्ण है. देखा जाये तो दोनों प्रखंडों की लाखों की आबादी इस सड़क का इस्तेमाल कर फारबिसगंज पहुंचकर अपने रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करती है. खास कर किसानों को अपने आनाज को बेचने का सबसे सुगम मार्ग भी यही है. पहले परमान, भुलआ, बरजान समेत अन्य नदियों पर पुल की समस्याओं से जूझ रहे इस सड़क पर औसरी घाट पर पुल के निर्माण ने लोगों के लिए बड़ी राहत देने का काम किया. लेकिन इस बीच 12 अगस्त 2017 को आयी बाढ़ ने इस जर्जर सड़क की हालत बिलकुल ही खास्ता कर दी.
हालांकि मोटेरेबुल करने के नाम पर ठिकेदारों ने विभाग का लाखों तो खर्च कराया लेकिन बारिश ने इसकी हकीकत खोल कर रख दी. सड़क की जो स्थिति अभी नजर आ रही है उसको देखते हुए इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि बाढ़ आयी तो फिर इस सड़क से ताल्लुक रखने वाले लाखों के आबादी को फारबिसगंज प्रखंड से संपर्क भंग हो सकता है.
चचरी पुल बना हुआ है आवागमन का सहारा
डोमरा सड़क पर कपरफोरा के पास पुल का निर्माण सीमांचल कंस्ट्रक्सन के द्वारा कराया जा रहा है. यहां लगभग एक करोड़ 34 लाख की लागत से तीन स्पैन का पुल बनना है. कार्य की शुरूआत 08 दिसंबर 2017 को ही की गयी. कार्य पूरा होने की अवधि 07 दिसंबर 2018 को पूरी हो जायेगी. निर्माण कार्य को पूरा होने में भले ही चार माह बांकी है. लेकिन पुल निर्माण की मध्यम रफ्तार देखने के बाद यह लोगों का कहना है कि संवेदक द्वारा दो स्पैन का अर्द्धनिर्माण ही पूरा किया गया है.
बारिश का मौसम भी आ गया है. ऐसी स्थिति में ससमय पुल के निर्माण पूरा हो पाने में संशय है. इधर पुल से प्रतिदिन सैकड़ों वाहन या पैदल चलने वाले राहगिरों के लिए आवागमन का एक मात्र सहारा बांस का बना चचरी पुल ही है. यहां तक स्कूल जाने के लिए छात्र-छात्राओं को भी चचरी पुल पार करना होता है. जर्जर सड़क व पुल का अर्द्धनिर्माण लोगों के लिए परेशानी का शबब बना हुआ है. इधर प्रशासन चैन की नींद ले रहा है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन