भरगामा में निर्माणाधीन पीसीसी सड़क पर अनियमितता के आरोप, बाल श्रम का मामला भी आया सामने

फोटो: निर्माणाधीन पीसीसी सड़क पर कार्य करते बाल मजदूर
भरगामा प्रखंड में खजुरी मिलीक से मुसहरी टोला तक बन रही पीसीसी सड़क पर ग्रामीणों ने गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं. घटिया सामग्री, बाल श्रम और मानकों की अनदेखी के आरोपों के बीच जांच की मांग तेज हो गई है.
Road Construction: अररिया जिले के भरगामा प्रखंड क्षेत्र में खजुरी मिलीक मुख्य सड़क से मुसहरी टोला तक निर्माणाधीन पीसीसी सड़क को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है और निर्माण कार्य में अनियमितताएं बरती जा रही हैं. ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.
घटिया सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में तीन नंबर ईंट, पोखर से निकाली गई बालू तथा निम्न गुणवत्ता वाले सीमेंट का उपयोग किया जा रहा है. उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य में शुरू से ही गुणवत्ता से समझौता किया गया तो सड़क जल्द ही क्षतिग्रस्त हो सकती है और सरकारी धन की बर्बादी होगी.
मानकों की अनदेखी का भी आरोप
Road Construction: स्थानीय लोगों के अनुसार निर्माण कार्य के दौरान विभागीय मापदंडों का पालन नहीं किया जा रहा है. उनका दावा है कि मौके पर तकनीकी निगरानी की व्यवस्था नहीं दिखी. निर्माण सामग्री खुले में बेतरतीब ढंग से रखी गई है और मिश्रण तैयार करने की प्रक्रिया में भी गुणवत्ता का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा जा रहा है. हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
निर्माण स्थल पर बाल श्रम का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण स्थल पर कई कम उम्र के बच्चे मजदूरी करते दिखाई दिए. उनका कहना है कि कुछ बच्चे तसला ढोते और निर्माण सामग्री उठाते नजर आए. यदि यह सही पाया जाता है तो यह बाल श्रम निषेध कानून के उल्लंघन का मामला हो सकता है. ग्रामीणों ने इस पहलू की भी अलग से जांच कराने की मांग की है.
सूचना पट्ट और निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण स्थल पर योजना संबंधी सूचना पट्ट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित नहीं है और गुणवत्ता की निगरानी के लिए किसी जिम्मेदार अधिकारी की मौजूदगी भी नजर नहीं आई. इससे निर्माण कार्य की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी, ग्रामीण कार्य विभाग और श्रम विभाग से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है. उन्होंने निर्माण सामग्री का नमूना लेकर गुणवत्ता परीक्षण कराने, बाल श्रम के आरोपों की जांच करने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित संवेदक एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है.
क्या बोले बीडीओ
प्रखंड विकास पदाधिकारी शशिभूषण सुमन ने बताया कि सड़क निर्माण में अनियमितता की सूचना मिली है. मामले की जांच कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जायेगी.
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लेखक के बारे में
By राष्ट्रभूषण पिंटू
राष्ट्रभूषण पिंटू प्रिंट माध्यम में 12 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. भरगामा (अररिया) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.
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