विकास की रफ्तार में शहर की सड़कों का निर्माण हुआ गुम
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
Updated:
विज्ञापन
एक नजर इधर भी. एनएच छोड़ कहीं नहीं िमलेगी चमचमाती सड़क अररिया : शहर से गुजरे दो एनएचआइ की सड़कों पर भले ही फर्राटे से गाड़ियां दौड़ती हों लेकिन शहर की गलियों की सड़कें आज भी हिचकोले खाने को विवश करती हैं. मुख्य सड़कों को छोड़ दिया जाये, तो शहर के अंदर से गुजरने वाली […]
विज्ञापन
एक नजर इधर भी. एनएच छोड़ कहीं नहीं िमलेगी चमचमाती सड़क
अररिया : शहर से गुजरे दो एनएचआइ की सड़कों पर भले ही फर्राटे से गाड़ियां दौड़ती हों लेकिन शहर की गलियों की सड़कें आज भी हिचकोले खाने को विवश करती हैं. मुख्य सड़कों को छोड़ दिया जाये, तो शहर के अंदर से गुजरने वाली सड़कों की हालत बद से बदतर बनी हुई है. सड़क पर जगह-जगह गड्ढे व उखड़े हुए पत्थर व गिट्टी पर पैदल चलना भी दुश्वार हो गया है.
शहर की मुख्य सड़कें जैसे गोढ़ी चौक से जीरो माइल व अररिया आरएस मोड़ से बस स्टैंड होते हुए जीरो माइल तक की सड़क एनएच 327 ई का हिस्सा है. ये सड़कें चमचमाती नजर आती हैं. लेकिन शहर के मोहल्लों में जाने वाली सभी सड़कों का हाल बुरा है. खास कर एडीबी चौक से आश्रम सड़क, कोसी कॉलोनी से आश्रम सड़क,
संकटमोचन हनुमान मंदिर से मारवाड़ी पट्टी, चांदनी चौक से नवरत्न चौक व तेरापंथ भवन होते हुए फोरलेन सड़क से जुड़ने वाली सड़क, काली मंदिर से बसंतपुर हाट होते हुए माता स्थान तक जाने वाली सड़क, नवरत्न चौक से हीरा चौक होते हुए आजाद एकेडमी तक व आजाद एकेडमी चौक से आजादनगर जाने वाली दर्जनों सड़कों की हालत अच्छी नहीं है. ये सड़कें इतनी टूट चुकी हैं कि इनके जीर्णोद्धार की आवश्यकता है. हालांकि विभिन्न मुख्य पार्षद के कार्यकाल में इन सड़कों का कुछ न कुछ निर्माण तो हुआ है लेकिन गुणवत्ता में कमी के कारण इनकी हालत पुन: पूर्ववत स्थिति में पहुंच गयी है.
जवाहर नवोदय विद्यालय जाने वाली सड़क का निर्माण है जरूरी
इन वार्डों के वर्तमान पार्षद प्रतिनिधि संजय अकेला ने बताया कि उनके वार्ड में सड़कों से ज्यादा जरूरी नाले की है. बरसात के मौसम में उनके वार्ड की लगभग सारी सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं. वर्तमान मुख्य पार्षद द्वारा वार्ड की सड़कों का निर्माण व नाला के निर्माण को लेकर कार्य योजना तैयार की गयी है. उम्मीद है वित्तीय वर्ष 2018-19 में इन सड़कों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जायेगा. पार्षद प्रतिनिधि शशिभूषण झा ने बताया कि उनके वार्ड की सड़कों को भी इस वर्ष के कार्य योजना में शामिल किया गया है. कनीय अभियंता प्राक्कलन बना रहे हैं. प्रशासनिक स्वीकृति के बाद सड़क निर्माण शुरू कराया जायेगा.
पार्षद प्रतिनिधि परमानंद मंडल ने बताया कि वार्ड में प्रतिनियुक्त कनीय अभियंता द्वारा जर्जर सड़कों व नाला का मापी कराया गया है. प्राक्कलन तैयार कराया जा रहा है. लेकिन प्रशासनिक स्वीकृति के बाद ही कार्य शुरू हो पायेगा. पार्षद नारायण पासवान ने बताया कि उनकी वार्ड की अधिकांश सड़कें जर्जर हैं. वे पूर्व में भी सड़क निर्माण की गुहार लगा चुके हैं. लेकिन कार्य नहीं शुरू हो पाया.
अभी उनके वार्ड से होकर नवोदय विद्यालय तक सड़क जाती है. वहीं पारा मेडिकल, एएनएम प्रशिक्षण मेडिकल कॉलेज का निर्माण होने जा रहा है. लेकिन सड़कों की हालत दयनीय है. मुख्य पार्षद ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि इस बार हर सड़कों का निर्माण पूरा कराया जायेगा.
जिस सड़क पर पड़े थे बापू के पांव, वह भी हो चुकी है जर्जर
वर्ष 1925 में जिस सड़क पर महात्मा गांधी के पांव पड़े थे. राजा पीसी लाल का कारवां चलता था. भागलपुर डिविजन के सन् 1962 के तत्कालीन कमिश्नर अब्राहम आदि का आना-जाना लगा रहता था. आज उस जर्जर सड़क को भी देखने वाला तक कोई नहीं है. अररिया शहर का यह रामकृष्ण मिशन आश्रम को कोलकाता के बेलूर मठ द्वारा उस समय स्थापित किया गया था जब इस जिले में चलने के लिए ठीक-ठाक सड़कें तक नहीं बन पायी थीं. वर्ष 1925 में डिस्ट्रिक्ट बोर्ड के वाइस चेयरमैन राय बहादुर ज्योतिष चंद्र भट्टाचार्य के प्रयास से आश्रम की स्थापना की गयी थी, लेकिन आज उस सड़क की भी हालत ठीक नहीं है.
यही नहीं प्रसिद्ध माता स्थान तक जाने वाली सड़क भी जर्जर अवस्था में है. अररिया आरएस के वार्ड संख्या तीन स्थित पोखर जहां छठ पर्व को लेकर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगता है. वह सड़क भी जर्जर स्थिति में है. इन सड़कों पर गाहे-बगाहे नगर पार्षद के प्रयासों के बाद बेडमिशाली भर कर लीपापोती करने का प्रयास तो किया जाता रहा लेकिन जीर्णोद्धार नहीं हो पाया.
सड़कों का निर्माण है प्राथमिकता
शहर की सभी मुख्य सड़क, लिंक सड़क के नव निर्माण के लिए कार्य योजना तैयार किया जा रहा है. वार्ड संख्या 01 से 14 तक के सड़कों का प्राक्कलन तैयार करने का निर्देश कनीय अभियंता प्रशांत कुमार व वार्ड संख्या 15 से 29 तक की सड़कों का प्राक्कलन तैयार करने का निर्देश कनीय अभियंता धनपत मोदी को दिया गया है.
50 लाख से ऊपर की सड़कों की प्रशासिनक स्वीकृति लेने के लिए राज्य योजना आयोग को भेजी जायेगी. वहीं इससे कम लागत की सड़कों का निर्माण नगर विकास विभाग से अनुमति प्राप्त कर कराया जायेगा. शहर की सड़कों का निर्माण उनकी प्राथमिकताओं में है.
रितेश कुमार, मुख्य पार्षद
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










