मूलधन के अलावा आठ मिलरों से दो करोड़ 27 लाख से अधिक सूद की होगी वसूली

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अररिया : सरकार जब बैंकों से ऋण लेकर एसएफसी को खाद्यान्न उपलब्ध कराती है तो फिर वह क्यों गबन के आरोपियों से मूलधन लेकर ही छोड़ देगी. उसी तर्ज पर गबन के आरोपी 08 प्रमादी मिलरों से भी गबन की राशि पर 2 करोड़ 27 लाख 85 हजार 510 रुपये के सूद की वसूली करने […]

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अररिया : सरकार जब बैंकों से ऋण लेकर एसएफसी को खाद्यान्न उपलब्ध कराती है तो फिर वह क्यों गबन के आरोपियों से मूलधन लेकर ही छोड़ देगी. उसी तर्ज पर गबन के आरोपी 08 प्रमादी मिलरों से भी गबन की राशि पर 2 करोड़ 27 लाख 85 हजार 510 रुपये के सूद की वसूली करने को ले एसएफसी ने अग्रेतर कार्रवाई शुरू कर दी है. जानकारी अनुसार सूद की राशि जमा करने का मामला उन प्रमादी मिलरों पर भी चल रहा है, जिसने सीएमआर गबन मद की मूलधन की राशि जमा करा दी है.

जिले के चार मिलरों के अलावा, पश्चिम बंगाल के तीन व पूर्णिया के एक राइस मिलर पर भी मूलधन व सूद की राशि जमा करने का मामला चल रहा है. हालांकि फारबिसगंज के शिव विजय उद्योग व गोलछा उद्योग द्वारा मूलधन की राशि जमा कर देने की बात सामने आ रही है. लेकिन इन्हें भी अब सूद की राशि जमा करनी होगी. बताया गया कि सूद की राशि नहीं जमा करने या फिर बैंक में उक्त राशि मद में बैंक गारेंटी जमा नहीं करने पर इनके अग्रिम जमानत पर भी रोक लगने का आदेश एसआइटी के विशेष कोर्ट द्वारा दिया गया है.

क्या है मामला
वित्तीय वर्ष 2012-13 व 2013-14 में फारबिसगंज के गोलछा उद्योग, शिव विजय उद्योग, नरपतगंज के अशोक ट्रेडिंग, जय लक्ष्मी उद्योग, पश्चिम बंगाल के न्यू सरकार अनिकेत मनीष, बाबा विश्वकर्मा व पूर्णिया के पूर्णिमा राइस मिल पर 25 करोड़ 62 लाख 27 हजार 748 रुपये के सीएमआर (चावल) के गबन के आरोप में एसएफसी द्वारा मामला दर्ज कर कराया गया था. जांच का जिम्मा स्थानीय थाना के बाद एसआइटी को दी गयी. इन मिलरों द्वारा इस मद में 11 करोड़ 75 लाख 62 हजार 882 रुपये जमा भी कराये गये.
इनमें से शिव विजय उद्योग व गोलछा उद्योग द्वारा लगभग मूलधन की राशि जमा कर दी गयी. लेकिन सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद कि गबन के आरोपियों द्वारा जब तक गबन की राशि का बैंक गारंटी जमा नहीं कर दिया जाता है तब तक उनकी किसी भी प्रकार की सुनवाई व अग्रिम जमानत पर रोक लगनी चाहिए, ने प्रमादी मिलरों को सांसत में डाल दिया है. वहीं पूर्णिया में चल रहे एसआइटी के विशेष न्यायालय में भी कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है.
किस पर कितना है सूद
प्रमादी मिलर सूद
गोलछा उद्योग 46,66,254
शिव विजय उद्योग 60,0046
अशोक ट्रेडिंग 1,94,3698
जय लक्ष्मी 22,07,462
न्यू सरकार 9,96,540
अनिकेत मनीष 53,18,958
बाबा विश्वकर्मा 25,74,986
पूर्णिया राइस मिल 44,77,563
विशेष न्यायालय का गठन किया गया
इस मामले को लेकर पूर्णिया में एसआइटी द्वारा विशेष न्यायालय का गठन किया गया है, जहां एसएफसी ने अपना पक्ष रखते हुए सूद की राशि वसूली का पक्ष रखा है. बताया कि सूद की राशि का ब्याज 15 प्रतिशत निगम व 12 प्रतिशत नीलामवाद द्वारा तय किया गया है. एसआइटी द्वारा गठित विशेष कोर्ट इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए निर्धारित तिथि में फैसला सुना रहा है.
बीरेंद्र नाथ गुप्ता, डीएम एसएफसी
एसएफसी ने शुरू की कार्रवाई
दो वित्तीय वर्षों में 08 प्रमादी मिलरों पर सीएमआर के एवज में बकाया साढ़े 25 करोड़ पर लिया जा रहा है ब्याज
एसआइटी की टीम कर रही है जांच, प्रमादी मिलरों ने हाइकोर्ट में रखा है अपना पक्ष
बगैर बैंक गारंटी के अग्रिम जमानत पर भी लग सकती है रोक
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