डीएम ने एक सप्ताह में राशि वसूली करने का दिया निर्देश
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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जोगबनी नगर पंचायत से डीएम की पहल पर 15 लाख रुपये की रिकवरी हुई. अररिया : नगर पंचायत जोगबनी में टैक्स के लाखों रुपये के घपला होने का मामला प्रकाश में आया है. इस घपले घोटाले में नप के टैक्स कलेक्टर, नाजिर व कार्यालय कर्मियों की संलिप्तता सामने आ रही है. इसका खुलासा खुद नगर […]
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जोगबनी नगर पंचायत से डीएम की पहल पर 15 लाख रुपये की रिकवरी हुई.
अररिया : नगर पंचायत जोगबनी में टैक्स के लाखों रुपये के घपला होने का मामला प्रकाश में आया है. इस घपले घोटाले में नप के टैक्स कलेक्टर, नाजिर व कार्यालय कर्मियों की संलिप्तता सामने आ रही है. इसका खुलासा खुद नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी बिनोद कुमार द्वारा किये गये जांच के बाद सामने आया है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इओ की चेतावनी के बाद संलिप्त टैक्स कलेक्टर व नाजिर से 15 लाख रुपये की रिकेवरी भी मात्र तीन दिनों के अंदर करायी गयी है.
हालांकि इस मामले के उजागर होने के बाद इओ के ऊपर राजनीतिक दबाव पड़ने लगे हैं. सोमवार को इस मसले के कारण नगर पंचायत में गरमा-गरमी का माहौल भी देखने को मिला. कथित घपले को ले डीएम अब सख्त रवैया अपना रहे हैं. इसी का नतीजा है कि तीन दिनों के अंदर 15 लाख रुपये जमा कराया जा चुका है.
हालांकि अब तक यह बात सामने नहीं आ पा रही है कि घपले की राशि लाखों में है या करोड़ों में. क्योंकि वर्तमान कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा इस मामले के जांच अपने कार्यकाल वित्तीय वर्ष 2015 से ही करायी जा रही है, जबकि इससे पूर्व के कार्यपालक पदाधिकारी के समय में भी अगर इस प्रकार का घपला किया गया है, तो गबन की राशि करोड़ों में पहुंच सकती है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आम अवाम से टैक्स की राशि जिस रूप से वसूली गयी है. उसमें से कुछ राशि को नप के खजाने में दिखा कर शेष राशि को घपलेबाजों द्वारा अपने पॉकेट में रख लिया गया. जब कार्यपालक पदाधिकारी ने इसका मिलान कराया तो घपले का यह मामला सामने आने लगा.
राशि रिकवरी नहीं हुई, तो दोषी कर्मियों पर होगी प्राथमिकी
मामले की मौखिक जानकारी कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा उन्हें दी गयी थी. इसके बाद उन्होंने अविलंब राशि वसूलने का निर्देश कार्यपालक पदाधिकारी को दिया. अब तक 15 लाख रुपये की रिकवरी संलिप्त कर्मियों से करायी गयी है. जांच कर बकाया रकम की वसूली के लिए एक सप्ताह का समय कार्यपालक पदाधिकारी को दिया गया है. अगर एक सप्ताह के अंदर राशि कि रिकवरी नहीं की जाती है तो जिला से टीम गठित कर मामले की जांच करायी जायेगी और दोषी कर्मियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी.
हिमांशु शर्मा, डीएम
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