ePaper

Bihar: अडाणी ग्रुप ने दी बड़ी खुशखबरी, 5 साल में बन कर तैयार होगा पीरपैंती थर्मल पावर प्लांट

Updated at : 27 Sep 2025 8:13 PM (IST)
विज्ञापन
AI Image

AI Image

बिहार: पीरपैंती में बनने वाला अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट 5 साल में बनकर तैयार होगा. इसके लिए अडाणी ग्रुप टाइमलाइन भी तैयार कर लिया है. प्रोजेक्ट को पांच भाग में बांटा गया है. इस प्रोजेक्ट के बनने के बाद बिहार को 2400 मेगावाट बिजली मिलेगी.

विज्ञापन

Bihar, भागलपुर, संजीव झा: पीरपैंती प्रखंड क्षेत्र में अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना स्थापित की जायेगी. अडानी पावर लिमिटेड इसे बना कर तैयार करेगा. प्लांट में तीन यूनिट होगी, जिसकी कुल क्षमता 2400 मेगावाट होगी. यह प्लांट सिरमतपुर और आस-पास के गांवों की 479 हेक्टेयर जमीन पर बनेगा. इसके उत्तर दिशा में गंगा नदी है. दक्षिण में नेशनल हाईवे और पास में ही पीरपैंती रेलवे स्टेशन है. इसे पांच वर्ष में बनाने का लक्ष्य है. अडानी ने इसका टाइमलाइन भी तैयार कर लिया है.

पांच साल की टाइमलाइन

पहला साल : जमीन अधिग्रहण और कानूनी मंजूरी. पर्यावरणीय अनुमति. प्रोजेक्ट की डिटेल इंजीनियरिंग और डिजाइन. साइट पर सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं. कामगारों के लिए अस्थायी कैंप निर्माण.

दूसरा साल : सिविल वर्क शुरू. भूमि समतलीकरण. चहारदीवारी निर्माण और सुरक्षा. मुख्य प्लांट भवन की नींव डालना. कोयला यार्ड और ऐश डंपिंग क्षेत्र तैयार करना. गंगा नदी से पानी लाने के लिए पाइपलाइन बिछाना.

तीसरा साल : बड़े उपकरण लगना शुरू. बॉयलर, टरबाइन, जनरेटर का फाउंडेशन. कूलिंग टावर और चिमनी का निर्माण. रेलवे साइडिंग और कोल हेंडलिंग प्लांट बनाना. इलेक्ट्रिकल स्विचयार्ड और ट्रांसमिशन लाइन का काम.

चौथा साल : टेस्टिंग और पहली यूनिट स्टार्ट. बॉयलर और टरबाइन का टेस्ट रन. पॉल्यूशन कंट्रोल सिस्टम लगाना. पहली 800 मेगावाट यूनिट का ट्रायल रन और कॉमर्शियल ऑपरेशन. टाउनशिप और ग्रीन बेल्ट डेवलपमेंट.

पांचवां साल : सभी प्रोजेक्ट चालू. बाकी दो यूनिटों को टेस्ट करना. सभी यूनिट का पूर्ण कॉमर्शियल ऑपरेशन शुरू. फाइनल परफॉर्मेंस और सीइए प्रमाणीकरण. ट्रेनिंग, ऑपरेशन और मेंटेनेंस टीम को स्थायी जिम्मेदारी.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

कैसे काम करता है थर्मल पावर प्लांट 

थर्मल पावर प्लांट एक प्रकार का बिजली संयंत्र है जो ऊष्मा ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है। इसमें ईंधन (जैसे कोयला, गैस, या तेल) को जलाकर भाप उत्पन्न की जाती है, जो टरबाइन को घुमाती है और विद्युत जनरेटर को चालू करती है, जिससे बिजली का उत्पादन होता है. थर्मल पावर प्लांट दुनिया भर में बिजली उत्पादन के लिए एक प्रमुख स्रोत है. 

इसे भी पढ़ें: Bihar: सड़क न बनने से नाराज ग्रामीणों ने RJD विधायक को घेरा, MLA बोले- ऐसे 400 गांव

विज्ञापन
Prashant Tiwari

लेखक के बारे में

By Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी से करके राजस्थान पत्रिका होते हुए फिलहाल प्रभात खबर डिजिटल के बिहार टीम तक पहुंचे हैं, देश और राज्य की राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखते हैं. साथ ही अभी पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने में जुटे हुए हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन