पटना में 45 दिनों के अंदर कुत्तों ने 3200 लोगों को काटा, रोजाना 70 से 80 पीड़ित पहुंच रहे अस्पताल
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 31 Jan 2024 8:39 PM
अस्पतालों में एंटी रेबीज लगाने वालों की संख्या में वृद्धि हुई है. पिछले कुछ महीने तक हर महीने पटना में औसतन 1250 से 1500 लोग एंटी रेबीज का डोज लेने पहुंच रहे थे. लेकिन बीते 45 दिनों के अंदर 3200 से अधिक लोग एंटी रेबीज का इंजेक्शन लेने अस्पताल पहुंचे.
आनंद तिवारी, पटना. पटना जिले में बड़ी संख्या में लोग हर दिन कुत्ता काटने के शिकार हो रहे हैं. अस्पतालों में एंटी रेबीज लगाने वालों की संख्या में वृद्धि हुई है. पिछले कुछ महीने तक हर महीने पटना में औसतन 1250 से 1500 लोग एंटी रेबीज का डोज लेने पहुंच रहे थे. लेकिन बीते 45 दिनों के अंदर 3200 से अधिक लोग एंटी रेबीज का इंजेक्शन लेने अस्पताल पहुंचे.
इन अस्पतालों में आ रहे अधिकतर मरीज
जानकारी के अनुसार औसतन रोजाना 70 से 80 पीड़ित अस्पताल पहुंच रहे हैं. अधिकतर लोग शहर के पीएमसीएच, आइजीआइएमएस, एनएमसीएच, न्यू गार्डिनर रोड, राजेंद्र नगर नेत्रालय, एलएनजेपी हड्डी, अस्पताल, गर्दनीबाग हॉस्पिटल और जीजीएस अस्पताल पटना सिटी के अलावा कुछ प्रमुख निजी अस्पतालों में पहुंचे हैं. बता दे कि एक मरीज को एंटी रेबीज के तीन डोज दिये जाते हैं.
पशु चिकित्सक ने बताया क्यों आक्रामक हो रहे कुत्ते
पशु चिकित्सा महाविद्यालय के पशु चिकित्सक डॉ आलोक कुमार बसु ने बताया कि सर्दियों में स्किन इंफेक्शन कुत्तों को खतरनाक बनाता है. यही कारण है कि कुत्ते के काटने के केस सर्दियों में अधिक होते हैं. वहीं दूसरा कारण पहले लोग बाहर खाना रखते थे तो कुत्ते खा लेते थे. अब प्लास्टिक में भोजन डालकर डास्टबीन में डाल देते हैं, जिससे भोजन नहीं मिल पाता. किसी के हाथ में भोजन आदि होने पर छीनने के लिए लपक पड़ते हैं.
सुरक्षा को लेकर लोगों पर करती है हमला
डॉक्टरों की माने तो इसके और भी कई कारण हैं, उनमें एक कारण ठंड में कुतिया बच्चे को जन्म देती हैं. अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर वह ज्यादा संवेदनशील हो जाती हैं. जब भी कोई कुत्ते के बच्चों के पास जाता है उन्हें लगता है कि वह उनके बच्चों को नुकसान पहुंचायेगा. इस कारण वे उसकी सुरक्षा को लेकर लोगों पर हमला कर देती हैं.
कुत्ते काटने पर क्या करें
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– घाव को साफ पानी और साबुन से धोएं. ताकि घाव पर लगा खून और लार साफ हो जाये.
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– घाव पर किसी तरह की पट्टी न बांधें. उसे खुला ही रहने दें.
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– खून निकल रहा है तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं.
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– कुत्ते काटने के 24 घंटे के अंदर एंटी रेबिज इंजेक्शन लगा लें.
यहां मिलती हैं नि:शुल्क इंजेक्शन
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– पीएमसीएच
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– एनएमसीएच
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– न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल
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– जीजीएस अस्पताल पटना सिटी
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– राजेंद्र नगर नेत्रालय
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– एलएनजेपी हड्डी अस्पताल
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– गर्दनीबाग अस्पताल
कुत्ता काटने के 24 घंटे के अंदर पहुंच रहे अस्पताल
पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ आइएस ठाकुर ने बताया कि पटना ही नहीं पूरे प्रदेश के लगभग सभी जिलों में रेबीज को लेकर जागरूकता बढ़ी है. बड़ी संख्या में लोग एंटी रेबीज की डोज लेने पहुंच रहे हैं. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत कम लोग आज कुत्ता काटने व सांप काटने पर झाड़ फूंक कराते हैं. उन्होंने कहा कि खासकर पटना में अधिकतर लोग पहले डोज लेने के लिए 24 घंटे के अंदर अस्पताल पहुंचते हैं.
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