मदद न मिली तो रुक जायेगी इंटर साइंस के टॉपर की पढ़ाई

Updated at : 22 Jun 2014 8:11 AM (IST)
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मदद न मिली तो रुक जायेगी इंटर साइंस के टॉपर की पढ़ाई

पटना: इंटर साइंस के टॉपर रविश कुमार को इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए 12 लाख रुपये की जरूरत है. तीन लाख रुपये तो 30 जून तक ही चाहिए. गैस वेंडर का बेटा रविश बिट्स पिलानी में एडमिशन चाहता है लेकिन उसके परिवार के पास पैसे नहीं है. रविश कहता है, मैं पढ़ना चाहता हूं. अभी […]

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पटना: इंटर साइंस के टॉपर रविश कुमार को इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए 12 लाख रुपये की जरूरत है. तीन लाख रुपये तो 30 जून तक ही चाहिए. गैस वेंडर का बेटा रविश बिट्स पिलानी में एडमिशन चाहता है लेकिन उसके परिवार के पास पैसे नहीं है. रविश कहता है, मैं पढ़ना चाहता हूं. अभी तक की पढ़ाई तो ट्यूशन आदि कर के कर ली, अब आगे की पढ़ाई के लिए मुङो पैसे की जरूरत है. कोई मदद करेगा तभी मैं पढ़ाई कर पाऊंगा. पैसे की तंगी और आगे पढ़ने की इच्छा लिए इंटर साइंस 2014 का स्टेट टॉपर रविश कुमार पटना में मौजूद है. उसे बिट्स पिलानी इंजीनियरिंग कॉलेज में डायरेक्ट एडमिशन के लिए ऑफर आया है. वह एडमिशन लेना भी चाहता है, लेकिन इसके लिए 12 लाख रुपये चाहिए. रविश के पास पैसे नहीं है, जिस कारण वह एडमिशन लेने में सक्षम नहीं है.

ट्यूशन पढ़ा कर किया इंटर पास

स्कूल की पढ़ाई और ट्यूशन के लिए भी रविश को पैसे की जरूरत थी. खुद 12 से 13 घंटे की पढ़ाई और बाकी समय में ट्यूशन करके पैसा कमाता था. इससे नोट बुक और पढ़ाई संबंधी जरूरत को पूरा कर पाया. अब आगे की पढ़ाई के लिए मुङो पैसे की जरूरत है. उसने बताया कि वह मैकेनिकल ब्रांच से पढ़ाई करना चाहता है और साइंटिस्ट बन कर देश के लिए नोबेल प्राइज लाना चाहता है.

मैट्रिक में दो नंबर से छूटा था टॉप टेन

मैट्रिक के टॉप टेन की मेरिट लिस्ट में दो नंबर कम होने से रविश का नाम नहीं आ पाया था. इसको लेकर उसे काफी दुखी हुआ था. उसने बताया कि इंटर की परीक्षा में किसी तरह उसे टॉप टेन में पहुंचना था. मैंने काफी मेहनत की. स्टेट टॉपर बनने की उम्मीद तो नहीं थी, लेकिन टॉप टेन में आने के प्रति पूरी तरह आश्वस्त था.

बेटे के पास नहीं है मोबाइल

घर में एक ही मोबाइल है. ऐसे में बेटा जब घर के बाहर जाता है तो उससे कोई संपर्क नहीं हो पाता. उसे इंजीनियरिंग में एडमिशन लेना है, लेकिन पैसे नहीं है. सुबह घर से जाता है तो देर शाम वापस आता है. ऐसे में मुङो कुछ भी पता नहीं है. शनिवार को भी वह सुबह ही घर से निकल गया.

पिंकी देवी, रविश की मां

सरकारी महकमे ने रखीं पांच शर्ते

शुक्रवार को रविश ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की. शनिवार को वह मुख्यमंत्री आवास गया, अपनी बात रखने के बाद अधिकारियों ने उसे पैसे की मदद के लिए पांच शर्ते पूरी करके लाने को कहा गया. इन शर्तो को पूरा करने के लिए वह दिन भर परेशान रहा. पहली शर्त फैमिली की सालाना आमदनी दिखाना, दूसरी बिट्स पिलानी में नामांकन लेने का प्रूफ देना, तीसरी बिट्स पिलानी का फी स्ट्रक्चर लाना, चौथी पुलिस द्वारा जारी कैरेक्टर सर्टिफिकेट और पांचवी शर्त्त में आवासीय प्रमाण पत्र देना है. पुलिस से कैरेक्टर सर्टिफिकेट लेने के लिए शनिवार को तीन बजे से ही रविश गांधी मैदान स्थित एसएसपी कार्यालय में मौजूद रहा. शाम सात बजे एसएसपी मनु महाराज से वह मिल पाया.

30 जून तक है समय

बिट्स पिलानी में देश भर के स्टेट टॉपरों का डायरेक्ट एडमिशन होता है. जब रविश को इसकी जानकारी मिली तो उसने एक आवेदन बिट्स पिलानी को भेजा कि वह एडमिशन लेना चाहता है. उसके बाद कॉल आने पर उसे एडमिशन के लिए तुरंत 3 लाख रुपये की जरूरत है. इसके लिए 30 जून तक का ही समय है. उसने बताया कि चार साल की पढ़ाई के लिए मुङो हर साल 3-3 लाख रुपये की जरूरत होगी.

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