हाइ स्कूलों की स्मार्ट क्लास की 120 मंहगी टीवी की हुई चोरी, 88 स्कूलों में दोबारा खरीदने को मिले 90-90 हजार

Updated at : 21 Oct 2021 5:43 PM (IST)
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हाइ स्कूलों की स्मार्ट क्लास की 120 मंहगी टीवी की हुई चोरी, 88 स्कूलों में दोबारा खरीदने को मिले 90-90 हजार

स्मार्ट क्लास संचालन के लिए बिहार उन्नयन योजना के तहत अब तक 88 स्कूलों में 90-90 हजार रुपये दोबारा देने पड़े हैं. इन पैसों से 60 हजार की एलइडी, बैटरी, इन्वर्टर और दूसरे उपकरण खरीदे जाने हैं.

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पटना. कोविड काल में प्रदेश के 120 माध्यमिक स्कूलों में हाइटेक टीवी सिस्टम चोरी हो चुके हैं. इनकी बाकायदा प्राथमिकी दर्ज करायी गयी हैं. हालात यह हैं कि स्मार्ट क्लास संचालन के लिए बिहार उन्नयन योजना के तहत अब तक 88 स्कूलों में 90-90 हजार रुपये दोबारा देने पड़े हैं. इन पैसों से 60 हजार की एलइडी, बैटरी, इन्वर्टर और दूसरे उपकरण खरीदे जाने हैं. शेष 32 स्कूलों में दोबारा टीवी और संबंधित उपकरण खरीदने के लिए पैसा देने पर मंथन जारी है.

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक अब स्कूल खुलने शुरू हुए हैं. ऐसे में स्कूलों में चोरी की वारदात फिर शुरू हुई हैं. स्मार्ट क्लास संचालन से जुड़े अफसरों ने उसका स्टेटस तलब किया है. दरअसल स्मार्ट क्लास से जुड़ी हाइटेक एलइडी टीवी और उससे जुड़े उपकरण की सुरक्षा बड़ी चुनौती साबित हो रही है.

प्रदेश में 6337 माध्यमिक स्कूल ऐसे हैं, जहां टीवी उपकरण आदि की सुरक्षा के लिए रात्रि प्रहरी की तैनाती की मांग आयी है.इसमें से 5864 माध्यमिक स्कूलों में रात्रि प्रहरी तैनात हो चुके हैं. शेष स्कूलों में मांग के बाद भी रात्रि प्रहरी नियुक्त नहीं हो पा रहे हैं. स्मार्ट क्लास की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में 16.45 करोड़ की राशि खर्च करने पड़े हैं.

दरअसल यह केवल रात्रि प्रहरियों के वेतन खर्च होगा. हालांकि बिहार शिक्षा परियोजना ने इसके लिए 17 करोड़ से अधिक की मांग की थी. यह पैसा उन स्कूलों के लिए दिया जा रहा है,जहां विद्यालय प्रबंधन समिति नहीं है. जहां समिति है, रात्रि प्रहरी का खर्च स्वयं उठाती है.

दरअसल स्कूलों में रात्रि प्रहरी रखने में स्कूल प्रबंधन समिति भी नाकाफी साबित हो रही है. जिन समितियों में जनप्रतिनिधि भी सदस्य हैं, वहां रात्रि प्रहरी बनने के लिए पैरोकारी चल रही है. यही वजह कि वहां रात्रि प्रहरी नहीं बन पा रहे हैं,क्योंकि जन प्रतिनिधियों के सामने संकट खड़ा हो गया है कि वह किसके नाम की सिफारिश करें.

फिलहाल कोविड काल के दो सालों से करीब नौ हजार माध्यमिक विद्यालयों में ठप पड़े स्मार्ट क्लास को शुरू करने कवायद एक बार फिर की जा रही है.10 वीं कक्षा के पाठ्यक्रम के मुताबिक ई कंटेंट स्कूलों को भेजे गये हैं. कक्षा नौ के क्लास के लिए ई कंटेंट भी तैयार किये जा रहे हैं. इस बार डिजिटल कंंटेंट के अलावा कुछ लाइव क्लास भी भेजी जा रही हैं. इसमें चुनिंदा विषयों के विशेषज्ञ शिक्षकों के क्लासों की वीडियो रिकार्डिंग करा कर भेजी गयी है.

बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की वरिष्ठ राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी किरण कुमारी ने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिख कर पूछा है कि स्मार्ट क्लास संचालन के लिए कुछ और जरूरी उपकरण की जरूरत हो तो वह मांग सकते हैं. साथ ही स्मार्ट क्लास के लिए ई कंटेंट और दूसरी तरह की डिजिटल मेाड में सामग्री उपलब्ध करायी जा रही है. इस बारे में हम लोग होम वर्क कर रहे हैं.

Posted by Ashish Jha

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