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भारतीय ओलंपिक संघ ने किया कॉमनवेल्थ गेम्स का बहिष्कार, खेलमंत्री को लिखा पत्र

Updated at : 28 Jul 2019 9:14 AM (IST)
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भारतीय ओलंपिक संघ ने किया कॉमनवेल्थ गेम्स का बहिष्कार, खेलमंत्री को लिखा पत्र

नयी दिल्ली: भारतीय ओलंपिक संघ ने साल 2022 में आयोजित होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के बहिष्कार का फैसला किया है. इस संबंध में ओलंपिक संघ के प्रेसिडेंट नरेंद्र बत्रा ने केंद्रीय खेल मंत्री किरिन रिजिजू को पत्र लिखा है. जानकारी के मुताबिक संघ राष्ट्रमंडल खेलों से शूटिंग प्रतिस्पर्धा को हटाये जाने से नाराज है. शूटिंग […]

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नयी दिल्ली: भारतीय ओलंपिक संघ ने साल 2022 में आयोजित होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के बहिष्कार का फैसला किया है. इस संबंध में ओलंपिक संघ के प्रेसिडेंट नरेंद्र बत्रा ने केंद्रीय खेल मंत्री किरिन रिजिजू को पत्र लिखा है. जानकारी के मुताबिक संघ राष्ट्रमंडल खेलों से शूटिंग प्रतिस्पर्धा को हटाये जाने से नाराज है.

शूटिंग प्रतिस्पर्धा को हटाये जाने से है नाराज

खेल मंत्री को लिखे पत्र में नरेंद्र बत्रा ने जानकारी दी है कि शूटिंग प्रतिस्पर्धा में भारत का प्रदर्शन हमेशा बेहतरीन रहा है. इसकी वजह से भारत पदक सूची में बढ़िया स्थान हासिल करता रहा है. ओलंपिक संघ के प्रेसिडेंट ने लिखा कि साल 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों में भारत पदक तालिका में दूसरे स्थान पर रहा जिसमें इसने शूटिंग में 30 मेडल हासिल किये.
साल 2014 में भारत शूटिंग प्रतिस्पर्धा में 17 मेडल के साथ पदक तालिका में पांचवे स्थान पर रहा वहीं साल 2018 में भारत ने शूटिंग में 16 मेडल के साथ पदक तालिक में तीसरा स्थान हासिल किया.
साल 2018 के राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने कुल 66 मेडल हासिल किये थे. इनमें सबसे ज्यादा शूटिंग में जीता गया पदक था. ओलंपिक संघ का कहना है कि यदि राष्ट्रमंडल खेलों में शूटिंग प्रतिस्पर्था को हटा दिया जायेगा तो इससे भारत के प्रदर्शन और पदक तालिका में नकारात्मक असर पड़ेगा और सूची में स्थान नहीं बना पायेगा.
सितंबर में आयोजित सम्मेलन में नहीं लेगा भाग
बत्रा ने पत्र में खेल मंत्री को जानकारी दी है कि भारतीय ओलंपिक संघ ने वीपी रिजनल और स्पोर्ट्स कमिटी के मेंबर के लिये होने वाले चुनाव से भारतीय प्रतिनिधियों राजीव मेहता और नामदेव शीरगांवकर का नाम वापस ले लिया है. इसके अलावा भारत ने सितंबर में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों के सम्मेलन में भी भाग नहीं लेने का फैसला किया है.
पत्र में नरेंद्र बत्रा ने लिखा कि, राष्ट्रमंडल खेलों की काउंसिल में मौजूद कुछ खास मानसिकता के लोगों को ये समझने की जरूरत है कि भारत अब एक उपनिवेश नहीं है बल्कि आजाद मुल्क है. उन्होंने ये भी लिखा कि भारत दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है इसलिये वो हमें इग्नोर करने की कोशिश ना करें.
भारत का एक भी सदस्य नहीं है काउंसिल का हिस्सा
बत्रा ने लिखा कि, राष्ट्रमंडल खेलों की समिति का भारत के प्रति रवैया इसी बात से स्पष्ट हो जाता है कि हमारा एक भी सदस्य उसकी काउंसिल का हिस्सा नहीं है. ना तो इसकी एग्जीक्यूटिव काउंसिल में और ना ही इसकी वर्किंग कमिटी में हमारा कोई मेंबर है.
नरेंद्र बत्रा ने लिखा कि नेशनल स्पोर्टस फेडरेशन और भारतीय ओलंपिक संघ ने 2022 राष्ट्रमंडल खेलों के लिये काफी मेहनत की है. लेकिन शूटिंग को आयोजन से हटाये जाने से हम दुखी हैं क्योंकि इससे भारत के प्रदर्शन में गिरावट आयेगी.
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