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पहली बार एशियन गेम्स में शामिल होगा ‘ब्रिज’, भारतीय टीम सबसे उम्रदराज, औसत उम्र 60 वर्ष

Updated at : 03 Aug 2018 8:03 AM (IST)
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पहली बार एशियन गेम्स में शामिल होगा ‘ब्रिज’, भारतीय टीम सबसे उम्रदराज, औसत उम्र 60 वर्ष

नेशनल कंटेंट सेल 79 वर्षीया रीता चोकसी इस बार 18 अगस्त से शुरू हो रहे एशियन गेम्स में हिस्सा लेने जकार्ता जा रही है. 67 वर्षीय हेमा देवड़ा भी पहली बार एशियन गेम्स में शामिल ‘ब्रिज’ गेम में मेडल जीतने को तैयार है. भारती डे हो या मारियाने करमाकर युवा नहीं हैं, लेकिन जोश की […]

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नेशनल कंटेंट सेल

79 वर्षीया रीता चोकसी इस बार 18 अगस्त से शुरू हो रहे एशियन गेम्स में हिस्सा लेने जकार्ता जा रही है. 67 वर्षीय हेमा देवड़ा भी पहली बार एशियन गेम्स में शामिल ‘ब्रिज’ गेम में मेडल जीतने को तैयार है. भारती डे हो या मारियाने करमाकर युवा नहीं हैं, लेकिन जोश की कोई कमी नहीं है. इस बार एशियन गेम्स में 24 सदस्यीय भारतीय ब्रिज टीम हिस्सा लेंगी, जो अन्य भारतीय टीमों की तुलना में सबसे बुजुर्ग होगी. चार सदस्यों की उम्र 70 से अधिक है और पूरी टीम की औसत उम्र 60 है. करीब पांच दशक पहले ब्रिज को खेल के तौर पर शामिल किया गया था और पहली बार 2018 एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ी पदक जीतने के लिए चुनौती पेश करेंगे.
नहीं होती है उम्र सीमा
भारत में बड़ी संख्या में लोग ब्रिज (ताश) खेलते हैं, लेकिन पेशेवर खिलाड़ी के तौर पर नहीं, टाइम पास करने के लिए. इस खेल को 12 साल की उम्र से शुरू की जा सकती है और खेल से तोबा करने की कोई उम्र नहीं होती है. क्योंकि यह एक दिमागी खेल है और जब तक दिमाग काम करता रहे इस खेल को खेल सकते हैं.
कैसे खेलते हैं इसे
यह खेल दो और चार खिलाड़ियों के बीच खेला जाता है. चार खिलाड़ियों के खेल को हम टीम इवेंट कहते हैं. इस खेल में सभी खिलाड़ियों के बीच बराबर पत्ते बांटे जाते हैं और हर एक खिलाड़ी को अपने पार्टनर के साथ मिल कर ब्रिज बनाना होता है. इसलिए इस खेल में कम्यूनिकेशन और कोआर्डिनेशन की काफी जरूरत पड़ती है. ब्रिज के खेल को नार्मन बच ने 1950 में शुरू किया था. यह खेल हेमिल्टन बरमूडा का है. फिलहाल इसे कुल 36 देशों में खेला जाता है. इसे तीन श्रेणियों में खेला जाता है.
यह है 24 सदस्यीय टीम, जो एशिया कप में हिस्सा लेगी
भारतीय महिला ब्रिज टीम: रीता चोकसी, फिरोजा चोथिया, हेमा देवड़ा, भारती डे, मारियाने करमाकर, हिमानी खंडेलवाल, किरण नादर, अपर्णा सैन, वसंती शाह
भारतीय पुरुष ब्रिज टीम: प्रणब बर्धन, सपन देसाई, सुभाष गुप्ता, राजीव खंडेलवाल, अजय खरे, फिनटन लुईस, देबब्रता मजूमदार, गोपीनाथ मन्ना, सुमित मुखर्जी, शिभनाथ डे सरकार, बचिराजू सत्यनारायण, जगजी शिवदासानी, अरुण कुमार सिन्हा, राजेश्वर तिवारी, राजू तोलानी
पहली बार एशियाई खेल में हिस्सा लेने जा रहे है. हमारे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है. ब्रिज खिलाड़ी उम्र नहीं देखते हैं, वे वहां शानदार प्रदर्शन करने में सफल रहेंगे. एशियन गेम्स को लेकर सारे खिलाड़ी तैयारी कर रहे हैं और रिजल्ट अच्छा होगा.
रीता चोकसी, खिलाड़ी, भारतीय ब्रिज टीम


डोपिंग में फंसा भारत का एक और एथलीट
इंडोनेशिया के शहर जकार्ता में शुरू हो रहे एशियन गेम्स के लिए जानेवाले भारतीय एथलीट्स या टीमों के लेकर चल रहे विवाद तो अभी थमे ही नहीं है कि अब एक एथलीट के डोपिंग में फंसने का मामला भी सामने आया है.मीडिया मुताबिक एशियन गेम्स के लिए सेलेक्ट हुए 3000 मीटर स्टीपल चेज के एथलीट नवीन कुमार डागर नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी यानी नाडा के टोप टेस्ट में पॉजिटिव पाये गये हैं. नवीन कुमार के सैंपल में स्टिमुलैंट मेलडोनियन पाया गया है. डागर को 23 जुलाई से ही अस्थायी तौर पर सस्पेंड कर दिया गया है और अब उनके एशियन गेम्स मे जाने की गुंजाइश भी खत्म हो गयी है. इस इवेंट में वह भारत के इकलौते एथलीट थे और उनके फंसने का मतलब है कि अब 3000 मीटर स्टीपल चेज में एशियन गेम्स में भारत को कोई एथलीट भाग नहीं लेगा. डागर ने चार साल पहले इंचियोन एशियन गेम्स में भी ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था और इस बार भी उनसे मेडल की उम्मीद थी.
राही की निगाहें पोडियम स्थान हासिल करने पर
लंबे समय बाद वापसी करने वाली दो बार की राष्ट्रमंडल खेलों की चैंपियन पिस्टल निशानेबाज राही सरनोबत इस महीने होने वाले एशियाई खेलों में पोडियम स्थान हासिल करने का लक्ष्य बनाये हैं. राही ने कहा: एशियाई खेल 15 दिन बाद शुरू हो जायेंगे और इसके बाद कोरिया में विश्व चैंपियनशिप है. एशियाई खेल भले ही मेरे लिये चुनौतीपूर्ण हों लेकिन मेरी तैयारी काफी अच्छी है. ” सत्ताईस वर्षीय राही से जब पूछा गया कि वह 18 अगस्त से होने वाले खेलों में पोडियम स्थान पर निगाह लगाये हैं तो उन्होंने कहा: जीत, निश्चित रूप से. इसमें कोई शक नहीं. ” राही ने 2010 दिल्ली और 2014 ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था. इस दौरान वह फाॅर्म में थी लेकिन बांह की चोट के कारण उन्हें करीब एक साल का लंबा ब्रेक लेना पड़ा और इससे उनकी फार्म में गिरावट आ गयी. उन्होंने कहा: खेलों में प्रतिस्पर्धा कठिन होती है लेकिन मुझे लगता है कि भारतीय महिलायें इसके लिए तैयार हैं क्योंकि पिछले एशियाई खेलों (इंचियोन 2014) में मैं फाइनल में पहुंची थी और हमने 25 मीटर टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था.
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