‘5 करोड़ देने से मना किया तो…’, भारत के पूर्व क्रिकेटर ने TMC पर लगाया टिकट बेचने का आरोप

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Ex-India Cricketer Alleges TMC Ticket Was Denied Over Rs 5 Crore Demand

मनोज तिवारी (फोटो-सोशल मीडिया)

पूर्व भारतीय क्रिकेटर एवं बंगाल के पूर्व खेल मंत्री मनोज तिवारी ने अपनी ही राजनीति पार्टी तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ गंभीर आरोप लगाया है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अब उनका तृणमूल कांग्रेस से कोई नाता नहीं है. उनका सफर इस पार्टी के लिए समाप्त हो गया है. उन्होंने बताया कि टीएमसी का पतन भष्ट्राचार की वजह से हुआ है.

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Manoj Tiwary ने ममता बनर्जी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें हावड़ा की शिबपुर सीट से टिकट देने के लिए इसलिए मना कर दिया क्योंकि उन्होंने 5 करोड़ रुपये देने से इनकार कर दिया था. यह खुलासा तिवारी ने टीएमसी की हार के बाद किया.

बंगाल के लिए बना चुके हैं 10 हजार से ज्यादा रन

40 वर्षीय पूर्व बल्लेबाज और बंगाल क्रिकेट इतिहास में सबसे अधिक प्रथम श्रेणी रन (10,195) बनाने वाले खिलाड़ी तिवारी ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार में खेल राज्य मंत्री भी रह चुके हैं. उन्होंने कहा कि हाल ही के विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ़ दल की हार उनके लिए अप्रत्याशित नहीं थी, क्योंकि उनके अनुसार यह भ्रष्टाचार और विकास कार्यों की कमी का परिणाम था.

70 से अधिक उम्मीदवारों में टिकट के लिए दिए है पैसे

मनोज तिवारी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के साथ उनका जुड़ाव अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी में टिकट उन्हीं लोगों को मिला, जो भारी रकम देने में सक्षम थे. उनके अनुसार लगभग 70 से 72 उम्मीदवारों ने टिकट पाने के लिए करीब 5 करोड़ रुपये तक दिए, जबकि उनसे भी पैसे की मांग की गई थी, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार करने से मना कर दिया.

मीडिया एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए तिवारी ने बताया कि उन्हें इस चुनाव के परिणाम से कोई हैरानी नहीं हुई. व्यापक भष्ट्राचार के चलते पार्टी को बड़ी हार का सामना करना पड़ा है. वहीं इस कई जगहों पर विकास का भी कार्य नहीं हुआ. जिसके बाद जनता ने टीएमसी के प्रति अपना असंतोष जताया.

2019 में भी मिला था चुनाव लड़ने का प्रस्ताव

उन्होंने आगे कहा कि 2019 में उन्हें लोकसभा चुनाव लड़ने का प्रस्ताव मिला था, लेकिन उस समय उनका राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं था. इसलिए उन्होंने विनम्रता से मना कर दिया था. उसके बाद 2021 के विधानसभा चुनावों से पहले उन्हें फिर से संपर्क किया गया और शिबपुर से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया गया. उन्होंने बताया कि उस समय वे IPL और घरेलू क्रिकेट में सक्रिय थे, फिर भी उन्होंने पार्टी के आग्रह पर चुनाव लड़ने के लिए सहमति दी थी. उसके बाद उस सीट पर जीत भी दर्ज किया था. जिसके बाद उन्हें राज्य का खेल मंत्री बनाया गया था. लेकिन बीच में उन्हें इस पद से हटा दिया गया था.

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उज्जवल कुमार सिन्हा

लेखक के बारे में

By उज्जवल कुमार सिन्हा

उज्जवल कुमार सिन्हा | स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट

उज्जवल कुमार सिन्हा एक अनुभवी स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट हैं और पिछले छह वर्षों से खेल पत्रकारिता एवं डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. वर्तमान में वह प्रभात खबर के स्पोर्ट्स सेक्शन में लीड की भूमिका निभा रहे हैं, जहां कंटेंट प्लानिंग, SEO-आधारित डिजिटल कंटेंट, एक्सप्लेनर, डेटा-ड्रिवन स्टोरी, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट, लाइव कवरेज और प्रमुख राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की डिजिटल रणनीति से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालते हैं.

पत्रकारिता का अनुभव

अपने करियर के दौरान उज्जवल ने क्रिकेट, फुटबॉल, प्रो कबड्डी लीग, महिला क्रिकेट, रणजी ट्रॉफी, झारखंड प्रीमियर लीग (JPL) और अन्य प्रमुख खेल आयोजनों की व्यापक कवरेज की है. वह मैच रिपोर्ट, खिलाड़ियों की प्रोफाइल, रिकॉर्ड्स एवं आंकड़ों पर आधारित विश्लेषण, एक्सप्लेनर, विशेष फीचर स्टोरी और खेल जगत से जुड़े विषयों पर नियमित लेखन करते हैं. उनकी विशेष रुचि डेटा-आधारित खेल विश्लेषण और जटिल खेल विषयों को सरल एवं रोचक तरीके से पाठकों तक पहुंचाने में है.

पेशेवर सफर

प्रभात खबर से पहले उज्जवल नवभारत, CricTracker, स्पोर्ट्स तक (इंडिया टुडे ग्रुप), जनसत्ता और एपीएन न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य कर चुके हैं. इस दौरान उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू खिलाड़ियों, कोचों, खेल प्रशासकों और स्पोर्ट्स कमेंटेटरों के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं. डिजिटल पत्रकारिता, रियल-टाइम न्यूज कवरेज, SEO रणनीति और ऑडियंस-केंद्रित कंटेंट निर्माण उनकी प्रमुख कार्यक्षमताओं में शामिल हैं.

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शैक्षणिक रूप से उज्जवल ने संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से मास कम्युनिकेशन में स्नातक तथा सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार से मास कम्युनिकेशन में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की है.

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पत्रकारिता में आने से पहले उज्जवल स्वयं क्रिकेट खेल चुके हैं और बिहार स्टेट क्रिकेट कैंप का हिस्सा रहे हैं. मैदान पर खेलने का यह अनुभव उन्हें खेल की तकनीकी बारीकियों, खिलाड़ियों की मानसिकता, रणनीति और मैच परिस्थितियों को गहराई से समझने में मदद करता है. यही अनुभव उनकी रिपोर्टिंग और विश्लेषण को अधिक सटीक, तथ्यपरक और विश्वसनीय बनाता है.

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