अपनी कप्तानी से खुश हैं बुमराह, टीम की तारीफ की; श्रेयस अय्यर ने माना तिलक ने बदला मैच

Published by : Rajneesh Anand Updated At : 15 May 2026 3:56 PM

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जसप्रीत बुमराह

Jasprit Bumrah : पंजाब किंग्स को छह विकेट से हराने के बाद जसप्रीत बुमराह ने टीम की जमकर तारीफ की और कहा कि हमने जो रणनीति बनाई वह सफल रही.

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Jasprit Bumrah : मुंबई इंडियंस के कप्तान जसप्रीत बुमराह ने पंजाब किंग्स पर जीत के बाद टीम की गेंदबाजी और तिलक वर्मा की पारी की जमकर तारीफ की. बुमराह ने कहा कि यह कप्तान के तौर पर उनकी शानदार शुरुआत रही. टीम ने दबाव में भी अच्छा खेल दिखाया. उन्होंने माना कि अंत में कुछ कैच छूटे लेकिन गेंदबाजों ने संयम बनाया रखा.

गेंद को सही लेंथ पर रखने की थी रणनीति

बुमराह ने मैच के बाद इंटरव्यू में कहा कि पिच पिछली बार की तुलना में ज्यादा सूखी थी, इसलिए गेंद को सही लेंथ पर रखने की रणनीति बनाई गई. बुमराह ने जीत का श्रेय तिलक वर्मा की पारी और शार्दूल ठाकुर की गेंदबाजी को दिया. उन्होंने कहा कि विकेट गिरने के बावजूद तिलक ने धैर्य बनाए रखा और टीम को जीत तक पहुंचाया. साथ ही विल जेक्स की छोटी लेकिन अहम योगदान की भी सराहना की. कप्तानी के अनुभव पर बुमराह ने कहा उन्होंने टेस्ट और टी20 में कप्तानी की है और अब इस भूमिका का पूरा आनंद ले रहे हैं.

हार से निराश थे श्रेयस अय्यर

आईपीएल की शुरुआत में बेहतरीन प्रदर्शन कर रही पंजाब की टीम पिछले 5 पांच मैचों से जीत के लिए संघर्ष कर रही है. मुंबई में हार के बाद पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ने हार को निराशा करने वाला बताया. उन्होंने हार के लिए किसी एक खिलाड़ी या पल को जिम्मेदार नहीं ठहराया. उन्होंने कहा कि मुकाबला शानदार रहा और तिलक वर्मा ने बेहतरीन बल्लेबाजी की, जिसकी वजह से पंजाब को हार मिली. अय्यर ने अजमतुल्लाह उमरजई की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी तेज बल्लेबाजी ने टीम का स्कोर 200 तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने अगले मैच में रॉयल चैलेंजर्स बंगलुरु के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन का भरोसा जताया और कहा कि टीम अगले मुकाबले को लेकर उत्साहित है.

(इनपुट : मृणाल कुमार पांडेय)

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रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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