CWG 2026: नौसेना अधिकारी लवप्रीत सिंह का कमाल, बर्मिंघम ब्रॉन्ज के बाद ग्लासगो में सिल्वर से चमकाया भारत का नाम

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भारतीय वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह (एक्स)

भारतीय वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह (एक्स)

Lovepreet Singh CWG 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: लवप्रीत सिंह ने वेटलिफ्टिंग में सिल्वर जीतकर भारत को 16वां पदक दिलाया. जानें कैसे आखिरी लिफ्ट ने पलटा मुकाबला.

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Lovepreet Singh CWG 2026: ग्लासगो में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का वेटलिफ्टिंग अभियान शानदार अंदाज में समाप्त हुआ. पुरुषों की सुपर-हेवीवेट (110 किलोग्राम से ज्यादा) कैटेगरी में भारतीय वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह ने सिल्वर मेडल जीतकर देश की झोली में 16वां पदक डाला. हालांकि, लवप्रीत गोल्ड मेडल से सिर्फ 1 किलोग्राम के मामूली अंतर से चूक गए. इस मुकाबले में न्यूजीलैंड के अनुभवी वेटलिफ्टर डेविड लिटी ने आखिरी प्रयास में बाजी पलटते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया. लवप्रीत ने पूरे मुकाबले में बढ़त बनाए रखी थी, लेकिन क्लीन एंड जर्क के आखिरी दौर में लिटी की शानदार लिफ्ट ने भारतीय खिलाड़ी से स्वर्ण पदक छीन लिया.

वेटलिफ्टिंग में भारत ने जीते कुल 8 मेडल

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का वेटलिफ्टिंग अभियान बेहद सफल रहा. भारतीय खिलाड़ियों ने इस खेल में कुल 8 मेडल अपने नाम किए, जिसमें 6 सिल्वर मेडल शामिल रहे. लवप्रीत सिंह ने इस शानदार प्रदर्शन के साथ वेटलिफ्टिंग में भारत के पदकों की संख्या को और मजबूत किया. भारत को इन खेलों के आठवें दिन मेडल का लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा, लेकिन आखिरकार वेटलिफ्टिंग के आखिरी इवेंट में लवप्रीत ने देश को पदक दिलाया.

स्नैच में लवप्रीत का दबदबा, बनाया कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड

अमृतसर, पंजाब के रहने वाले 29 वर्षीय लवप्रीत सिंह ने मुकाबले की शुरुआत से ही अपना दबदबा कायम रखा. उन्होंने स्नैच राउंड में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीनों प्रयास सफलतापूर्वक पूरे किए. लवप्रीत ने अपने पहले प्रयास में 168 किलोग्राम वजन उठाया और बढ़त हासिल कर ली. इसके बाद उन्होंने 173 किलोग्राम की लिफ्ट भी सफलतापूर्वक पूरी की. तीसरे प्रयास में 176 किलोग्राम उठाकर उन्होंने नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बना दिया. स्नैच राउंड खत्म होने के बाद लवप्रीत न्यूजीलैंड के डेविड लिटी से 10 किलोग्राम आगे थे और गोल्ड मेडल की रेस में सबसे मजबूत दावेदार नजर आ रहे थे.

क्लीन एंड जर्क में भी बनाई मजबूत बढ़त

क्लीन एंड जर्क राउंड में भी लवप्रीत ने शानदार शुरुआत की. उन्होंने पहले ही प्रयास में 205 किलोग्राम वजन उठाकर कुल स्कोर 381 किलोग्राम तक पहुंचा दिया। इसके साथ ही उनका सिल्वर मेडल लगभग तय हो गया था. दूसरी ओर डेविड लिटी ने 207 किलोग्राम उठाकर अंतर को 10 किलोग्राम से घटाकर 8 किलोग्राम कर दिया. हालांकि, लवप्रीत ने अगले प्रयास में 212 किलोग्राम वजन उठाकर अपनी बढ़त फिर बढ़ा ली.

आखिरी प्रयास में पलटा पूरा मुकाबला

लवप्रीत सिंह के पास आखिरी प्रयास में 217 किलोग्राम उठाकर गोल्ड की उम्मीद कायम रखने का मौका था, लेकिन वह इस प्रयास में सफल नहीं हो सके. इसके बावजूद वह लिटी से 15 किलोग्राम आगे थे और गोल्ड मेडल उनकी पहुंच में दिखाई दे रहा था. लेकिन डेविड लिटी ने आखिरी मौके पर असाधारण प्रदर्शन किया. उन्होंने अपने अंतिम प्रयास के लिए 223 किलोग्राम वजन चुना और इसे सफलतापूर्वक उठा लिया. यह लिफ्ट निर्णायक साबित हुई क्योंकि इससे उनका कुल स्कोर लवप्रीत से 1 किलोग्राम ज्यादा हो गया. एरीना में मौजूद दर्शक इस पल को देखकर हैरान रह गए. लिटी की आखिरी लिफ्ट ने पूरे मुकाबले का रुख बदल दिया और उन्होंने गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया.

बर्मिंघम के ब्रॉन्ज से ग्लासगो के सिल्वर तक लवप्रीत का सफर

भारतीय नौसेना में अधिकारी लवप्रीत सिंह का यह दूसरा कॉमनवेल्थ गेम्स था. इससे पहले उन्होंने बर्मिंघम 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में इसी कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता था. इस बार उन्होंने अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए सिल्वर मेडल हासिल किया. हालांकि सुपर-हेवीवेट कैटेगरी में भारत का गोल्ड मेडल का इंतजार अभी जारी है. लवप्रीत की शानदार कोशिश ने यह जरूर साबित कर दिया कि आने वाले वर्षों में भारत इस वर्ग में भी स्वर्ण पदक का मजबूत दावेदार बन सकता है.

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ऋतु राज

लेखक के बारे में

By ऋतु राज

ऋतुराज प्रभात खबर डिजिटल में स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर हैं. लीची की नगरी मुजफ्फरपुर (बिहार) से ताल्लुक रखने वाले ऋतुराज के पास डिजिटल खेल पत्रकारिता में 1 साल का गहरा अनुभव है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) से साल 2025 में मीडिया रिसर्च में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. खेल की हर छोटी-बड़ी और वायरल होती खबरों पर पैनी नजर रखना उनकी खासियत है. उनका मुख्य लक्ष्य प्रभात खबर के पाठकों तक खेल जगत की हर सटीक और विश्लेषण से भरी खबर सबसे पहले पहुंचाना है. पढ़ने और क्रिकेट खेलने के शौकीन ऋतुराज खेल को सिर्फ कवर नहीं करते, बल्कि उसकी बारीकियों को जीते हैं.

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