क्रिकेटर से लेखक बने शिखर धवन, रिश्तों से लेकर दोस्ती तक पर लिख डाली किताब

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Shikhar Dhawan

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Shikhar Dhawan Book Launch: टीम इंडिया के धाकड़ पूर्व सलामी बल्लेबाज शिखर धवन की एक किताब लिखी है. इस किताब में उन्होंने अपने जीवन के संस्मरणों के बारे में लिखा है. धवन की किताब ‘द वन : क्रिकेट, माय लाइफ एंड मोर’ में उन्होंने अपने रिश्तों से लेकर दोस्तों तक का जिक्र किया है.

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Shikhar Dhawan Book Launch: भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने अपने जीवन के संस्मरणों को कलमबद्ध किया है जिसमें रिश्तों से लेकर दोस्ती तक और मैदान के भीतर तथा बाहर के विवादों पर भी खुलकर बात की है. धवन ने अपनी किताब ‘द वन : क्रिकेट, माय लाइफ एंड मोर’ के बारे में कहा, ‘क्रिकेट ने मुझे जीने का मकसद दिया लेकिन इस सफर में उतार चढाव और खामोश पल भी रहे. इसने मुझे वह इंसान बनाया जो आज मैं हूं. मैं दिल से अपनी कहानी कह रहा हूं जो ईमानदार और किसी फिल्टर के बिना है.’

मैदान के भीतर और बाहर शानदार रहा है धवन का जीवन

प्रकाशक हार्पर कोलिंस इंडिया ने कहा, ‘पूरी स्पष्टवादिता और ईमानदारी के साथ लिखी गई ‘द वन’ शिखर धवन के आंतरिक संवाद और उन सभी कमजोरियों की अभूतपूर्व झलक पेश करती है जिन्होंने उन्हें एक चैंपियन क्रिकेटर और संवेदनशील इंसान बनाया है.’ कंपनी के प्रकाशक सचिन शर्मा ने कहा, ‘शिखर धवन का मैदान के भीतर और बाहर जीवन शानदार रहा है. इस संस्मरण में शिखर ने अपने जीवन, रिश्तों और हर उस अनुभव के बारे में बात की है जिसका उन्होंने सामना किया और मजबूत होकर निकले हैं.’

व्यक्तिगत प्रदर्शन पर होती थी चर्चा

दिल्ली में पले बढे धवन ने बतौर विकेटकीपर शुरुआत की थी लेकिन बाद में सलामी बल्लेबाज बने. भारत के लिये 34 टेस्ट में उन्होंने 2315 रन, 167 वनडे में 6793 रन और 68 टी20 मैचों में 1759 रन बनाये हैं. उन्होंने किताब में लिखा, ‘जब मैं भारतीय टीम में अपने की कोशिश कर रहा था तब सोशल मीडिया नया था और क्रिकेटरों पर इतनी नजर नहीं रखी जाती थी. लेकिन प्रिंट और प्रसारण मीडिया चरम पर था.’ उन्होंने लिखा, ‘टीम चयन और व्यक्तिगत प्रदर्शन पर चर्चा होती थी और लोग पढ़ते थे. आजकल की तरह नहीं जब सोशल मीडिया रातोरात क्रिकेटर को हीरो से जीरो बना देता है.’

धोनी से मुलाकात पर भी धवन ने लिखी कुछ बातें

धवन ने महेंद्र सिंह धोनी से पहली मुलाकात के बारे में लिखा है, ‘मैं उसे एक बॉलीवुड मूवी में देखना चाहता था. वह फिल्म स्टार की तरह दिखता था. लंबे बाल और आकर्षक मुस्कान. हम आपस में बात कर रहे थे और मैने उससे कहा कि मैं भारत के लिये खेलना चाहता हूं और मैं चाहता हूं कि तुम बॉलीवुड हीरो बनो. वह बहुत हंसने लगा.’ धवन की किताब से बहुत सी बातें सामने आने की उम्मीद है. लोगों को पता चलेगा कि इस क्रिकेटर ने जीवन में कितना संघर्ष किया है. उनके कितने दोस्त रहे और सबसे गहरी दोस्ती किससे थी.

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अमलेश नंदन सिन्हा

लेखक के बारे में

By अमलेश नंदन सिन्हा

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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