आखिर कुलदीप यादव को प्लेइंग XI में क्यों नहीं ला रहे गंभीर-गिल? कोच मोर्ने मोर्कल ने तोड़ी चुप्पी

Morne Morkel on Kuldeep Yadav Exclusion from Indian Playing XI.
Morne Morkel on Kuldeep Yadav in Indian Playing XI: मैनचेस्टर टेस्ट में भारत हार की कगार पर है और इंग्लैंड ने तीसरे दिन के अंत तक 186 रन की बढ़त बना ली है. पिच से स्पिनर्स को मदद मिल रही है, लेकिन इसके बावजूद कुलदीप यादव को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली. लगातार चौथे मैच में इग्नोर किए जाने के बाद बॉलिंग कोच मोर्कल ने इस पर अपनी चुप्पी तोड़ी है.
Morne Morkel on Kuldeep Yadav in Indian Playing XI: मैनचेस्टर टेस्ट एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी का चौथा मुकाबला है और इस मैच में भारत हार की कगार पर खड़ा है. तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने 7 विकेट के नुकसान पर 544 रन बनाए. स्टंप्स तक कप्तान बेन स्टोक्स और लियाम डॉसन क्रमशः 77 और 21 रन बनाकर नाबाद हैं. इंग्लैंड भारत से 186 रन की लीड ले चुका है. इस टेस्ट मैच में भारत का कोई भी गेंदबाज, यहां तक कि स्टार पेसर जसप्रीत बुमराह भी, इंग्लैंड की आक्रामक बल्लेबाजी के सामने प्रभाव नहीं छोड़ सके. भारत ने अब तक जो विकेट लिए हैं, उनमें से 4 स्पिनर्स के हाथ आए हैं. यानी इस पिच पर स्पिनर्स के लिए काफी मौके हैं, लेकिन टीम इंडिया में कुलदीप यादव जैसा विश्व स्तरीय गेंदबाज होते हुए भी प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया. आखिर तीन मैचों के बाद भी चाइनामैन गेंदबाज को टीम में क्यों नहीं शामिल किया गया. इस पर टीम इंडिया के बॉलिंग कोच ने जवाब दिया.
मोर्कल ने दिन का खेल खत्म होने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा, “मुद्दा यह है कि जब कुलदीप टीम में आएं, तो हम कैसे संतुलन बना सकते हैं और बल्लेबाजी क्रम को थोड़ा और लंबा व मजबूत कैसे रख सकते हैं. हमने देखा है कि अतीत में हमने एक के बाद एक विकेट गंवाए हैं. कुलदीप विश्व स्तरीय गेंदबाज हैं और इस वक्त शानदार गेंदबाजी कर रहे हैं. ऐसे में हम लगातार कोशिश कर रहे हैं कि उन्हें टीम में लाने का कोई रास्ता निकाल सकें.”

इस मैच से पहले भारतीय टीम के गेंदबाजी आक्रमण में दो स्थान खाली थे, क्योंकि आकाश दीप और नितीश कुमार रेड्डी चोट के कारण उपलब्ध नहीं थे. आकाश की जगह अर्शदीप सिंह को शामिल किया जाना था, लेकिन वह भी फिट नहीं हो पाए. इसके बावजूद, गौतम गंभीर के नेतृत्व वाले सपोर्ट स्टाफ ने कुलदीप यादव को नजरअंदाज कर दिया, जबकि मैनचेस्टर की पिच उनकी गेंदबाजी शैली के लिए मुफीद मानी जा रही थी. उनकी बजाय भारत ने शार्दुल ठाकुर को मौका दिया, लेकिन उन्हें 135 ओवर में सिर्फ 11 ओवर ही गेंदबाजी दी गई. यहां तक कि डेब्यूटेंट अंशुल कंबोज को टीम में जगह मिल गई, पर कुलदीप पर विचार नहीं किया गया.
गेंदबाजी कोच मोर्कल ने माना कि पिच में कुछ स्पिन देखने को मिल रही है और कुलदीप वहां प्रभावशाली हो सकते थे. उन्होंने कहा, “ईमानदारी से कहूं तो विकेट सूखा है और थोड़ा टर्न भी मिल रहा है, इसलिए वॉशिंगटन सुंदर और जडेजा को खिलाया गया है. हम कुलदीप के लिए टीम में जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इसके लिए हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारी टॉप-6 बल्लेबाजी मजबूत रहे और नियमित रूप से रन बनाए, ताकि हम कुलदीप जैसे स्पेशलिस्ट को मैदान में उतार सकें.”
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By Anant Narayan Shukla
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
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