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BCCI ने IPL के दौरान की बड़ी कार्रवाई, इस लीग के मालिक को किया बैन, जानें क्या है मामला

Updated at : 19 Apr 2025 9:55 AM (IST)
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BCCI: आईपीएल के बीच भारतीय क्रिकेट में एक बड़ा फैसला सामने आया है. बीसीसीआई के लोकपाल न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अरुण मिश्रा ने मुंबई टी20 लीग टीम के पूर्व सह मालिक गुरमीत सिंह भामराह पर फिक्सिंग के प्रयास के आरोप में बैन लगा दिया है. भामराह ने 2019 में धवल कुलकर्णी और भाविन ठक्कर से फिक्सिंग के लिए संपर्क किया था. धवल कुलकर्णी भारत के लिए 12 वनडे और कुछ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं.

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BCCI: भारतीय क्रिकेट में इन दिनों आईपीएल की धूम है. क्रिकेट के इस महाकुंभ में खेल प्रेमी आनंद ले रहे हैं. वहीं  बीसीसीआई पूरी तरह चुस्त है. भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) के लोकपाल न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अरुण मिश्रा ने मुंबई टी20 लीग फ्रेंचाइजी के पूर्व सह मालिक गुरमीत सिंह भामराह पर बैन लगा दिया है. उन पर आरोप है कि शहर के खिलाड़ियों धवल कुलकर्णी और भाविन ठक्कर से टूर्नामेंट 2019 चरण के दौरान फिक्सिंग के लिए संपर्क करने के लिए प्रतिबंध लगा दिया है. मध्यम गति के गेंदबाज कुलकर्णी ने 12 वनडे और कुछ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया है.

भामराह अब बंद हो चुकी जीटी20 कनाडा से भी जुड़े थे और अब मुंबई टी20 लीग का हिस्सा भी नहीं हैं जिसे 2019 चरण के बाद कोविड के कारण निलंबन के बाद इस साल फिर से शुरू किया जा रहा है. वह सोबो सुपरसोनिक्स के सह मालिक थे. आदेश की प्रति में प्रतिबंध की अवधि नहीं दी गई है लेकिन बीसीसीआई की भ्रष्टाचार रोधी संहिता (एसीयू) के अनुसार यह पांच साल से लेकर आजीवन प्रतिबंध तक कुछ भी हो सकता है. BCCI के लोकपाल जस्टिस अरुण मिश्रा, जो सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश हैं, ने कहा कि मैच फिक्सिंग जैसी भ्रष्ट गतिविधियों से सख्ती से निपटना चाहिए. इसी के तहत उन्होंने गुरमीत भामरा पर अधिकतम सजा यानी लाइफटाइम बैन लगाया.

बीसीसीआई की एसीयू संहिता के अनुसार, ‘‘जांच पूरी होने पर एसीयू ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की और जिसमें उसने सिफारिश की कि प्रतिवादी पर बीसीसीआई एसीयू के अनुच्छेद 2.1.3, 2.1.4, 2.4.1 के साथ अनुच्छेद 2.5.1 और प्रतिभागियों के लिए अनुच्छेद 2.5.2 के तहत आरोप लगाए जाएं. ’’ इसमें कहा गया, ‘‘एसीयू ने आगे सिफारिश की कि संहिता के अनुच्छेद 4 और अनुच्छेद 5 के प्रावधानों के तहत प्रतिवादी के खिलाफ उचित आदेश पारित किए जा सकते हैं. ’’

बीसीसीआई की एसीयू संहिता के अनुसार अनुच्छेद 2.1.1 या 2.1.2 या 2.1.3 या 2.1.4 के तहत कोई भी अपराध न्यूनतम पांच साल और अधिकतम आजीवन प्रतिबंध का होगा. आदेश की प्रति में कहा गया है कि सोनू वासन नामक व्यक्ति ने भामराह के कहने पर मैच फिक्स करने के लिए ठक्कर से संपर्क किया था. खिलाड़ियों ने भामराह को ‘पाजी’ कहा.

इसके अनुसार, ‘‘बातचीत की प्रतिलिपि से पता चलता है कि सोनू वासन ने प्रतिवादी की ओर से भाविन ठक्कर को पैसे और अन्य लाभ की पेशकश की. प्रतिवादी की ओर से किए गए पूरे प्रस्ताव को सही ठहराते हुए सोनू वासन ने भाविन ठक्कर से कहा कि इस मामले में वह जो भी फैसला लेना चाहे, वासन उसे प्रतिवादी को बता देंगे. ’’ कुलकर्णी से किए गए संपर्क के बारे में आदेश में केवल यह कहा गया है कि उनका ‘बयान एसीयू द्वारा दर्ज किया गया था’.

यह खबर न्यूज एजेंसी भाषा से ली गई है.

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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