ePaper

पंत में काफी सुधार की गुंजाइश, पूर्व विकेटकीपर चाहते हैं स्पष्ट चयन नीति

Updated at : 12 Sep 2018 4:46 PM (IST)
विज्ञापन
पंत में काफी सुधार की गुंजाइश, पूर्व विकेटकीपर चाहते हैं स्पष्ट चयन नीति

नयी दिल्ली : ऋषभ पंत की इंग्लैंड में विकेटकीपिंग अच्छी नहीं रही और पूर्व भारतीय विकेटकीपरों का मानना है कि उन्हें टेस्ट स्तर का भरोसेमंद विकेटकीपर बनने के लिये अभी काफी सुधार करने की जरूरत है. इस 20 वर्षीय विकेटकीपर ने इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की शृंखला की छह पारियों में 76 बाई रन […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली : ऋषभ पंत की इंग्लैंड में विकेटकीपिंग अच्छी नहीं रही और पूर्व भारतीय विकेटकीपरों का मानना है कि उन्हें टेस्ट स्तर का भरोसेमंद विकेटकीपर बनने के लिये अभी काफी सुधार करने की जरूरत है. इस 20 वर्षीय विकेटकीपर ने इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की शृंखला की छह पारियों में 76 बाई रन दिये हालांकि इनमें से 20-25 रन उनकी गलती के कारण नहीं गये.

पूर्व भारतीय विकेटकीपर नयन मोंगिया, किरण मोरे और दीप दासगुप्ता का मानना है कि पंत को अभी काफी सुधार करने की जरूरत है लेकिन इसके साथ ही उनका मानना है कि चयनकर्ताओं का युवा विकेटकीपरों को लेकर स्पष्ट नीति होनी चाहिए क्योंकि ऋद्धिमान साहा का अभी अगले तीन या चार महीने तक खेलना संभव नहीं है.

मोंगिया ने कहा, वह (पंत) अभी नया है और मुझे लगता है कि आईपीएल फार्म के आधार पर खिलाड़ी का चयन करना गलत नीति है. विकेटकीपिंग के उनके बेसिक्स सही नहीं है. मेरी चिंता यह है कि अगर वह इंग्लैंड में स्पिनरों के सामने विकेटकीपिंग नहीं कर पा रहा है तो उसे उप महाद्वीप में चौथे या पांचवें दिन काफी समस्या होगी.

इसे भी पढ़ें…

ऑपरेशन इंग्‍लैंड दौरा : बल्लेबाज कोहली जीते पर कप्तान कोहली हारे

मोंगिया से पूछा गया कि वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी शृंखला में किसे विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी सौंपनी चाहिए तो उन्होंने पार्थिव पटेल का नाम लिया. उन्होंने कहा, पार्थिव दक्षिण अफ्रीका में दूसरा विकेटकीपर था. वह कैसे योजना से बाहर हो गया पता नहीं है.

मुझे लगता है कि उन्हें पार्थिव को आजमाना चाहिए लेकिन यह चयनकर्ताओं पर निर्भर करता है. मैं नहीं जानता कि एनसीए में युवा विकेटकीपरों के लिये लंबी अवधि के शिविर क्यों नहीं लगाये जाते हैं. मोंगिया जहां पार्थिव की वापसी चाहते हैं वहीं दीप दासगुप्ता का मानना है कि चयनकर्ता आगामी शृंखलाओं के लिये अनुभव को तरजीह दे सकते हैं.

इसे भी पढ़ें…

कोहली ने किया टीम का बचाव, कहा, आमूलचूल बदलाव की जरूरत नहीं

दासगुप्ता ने कहा, ऋषभ पंत अभी युवा है और उसे अच्छी तरह से तैयार करने की जरूरत है. विकेटकीपिंग में उसे अभी काफी विभागों में सुधार करने की जरूरत है लेकिन मैं नहीं चाहता कि किसी खिलाड़ी को एक शृंखला के बाद बाहर किया जाये.

दासगुप्ता से पूछा गया कि वेस्टइंडीज के खिलाफ शृंखला के लिये वह किसे विकेटकीपर चुनना चाहेंगे उन्होंने इसे मुश्किल सवाल बताया. उन्होंने कहा, पार्थिव ने हाल में दलीप ट्रॉफी मैच में 80 रन बनाये. पार्थिव या डीके (दिनेश कार्तिक) की क्या संभावनाएं हैं आप जानते हैं. इसलिए अगर आप अगले छह मैचों (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार टेस्ट सहित) की बात कर रहे हैं तो फिर इन दोनों को मौका देने में मुझे कोई गुरेज नहीं.

इसे भी पढ़ें…

भारत टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष पर बरकरार, इंग्लैंड चौथे स्थान पर पहुंचा

चयन समिति के पूर्व अध्यक्ष किरण मोरे का मानना है कि पंत को वेस्टइंडीज के खिलाफ एक और मौका देना चाहिए. मोरे ने कहा, मैं उसे एक और टेस्ट मैच में मौका देना चाहूंगा. उसने कोई कैच नहीं टपकाया हालांकि उसने काफी बाई रन दिये. वह प्रतिभाशाली है. उम्मीद है इससे उससे उसकी बल्लेबाजी प्रभावित नहीं होगी.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola