World Cup : अंग्रेजों की शामत आई, 156 पर सिमटी टीम, श्रीलंका को मिला आसान लक्ष्य

Published by : Rajneesh Anand Updated At : 26 Oct 2023 5:51 PM

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श्रीलंका ने अपने पिछले मैच में नीदरलैंड को हराया था, जिससे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा हुआ, लेकिन इंग्लैंड की टीम लगातार हार से निराश है. दक्षिण अफ्रीका से टीम अपना पिछला मैच हार गई थी. इंग्लैंड की टीम प्वाइंट टेबल में आठवें और श्रीलंका सातवें स्थान पर है.

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ICC Cricket World Cup 2023 : विश्वकप का आज 25वां मैच इंग्लैंड और श्रीलंका के बीच खेला जा रहा है. इंग्लैंड की टीम ने टाॅस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, लेकिन अंग्रजों की टीम मात्र 33.2 ओवर में 156 रन पर आउट हो गई. बेन स्टोक्स के अलावा इंग्लैंड का कोई भी खिलाड़ी टिक कर नहीं खेला सका. बेन स्ट्रोक्स ने सर्वाधिक 43 रन बनाए जबकि श्रीलंका की तरफ से लाहिरू कुमारा ने तीन विकेट लिए.यह मैच दोनों ही टीम के लिए टूर्नामेंट में बने रहने का मौका है, इसलिए दोनों ही टीम इस मैच को किसी भी हालत में जीतने की कोशिश करेगी.

जोस बटलर ने बैटिंग का फैसला किया

टाॅस जीतने के बाद इंग्लैंड के कप्तान जोस बटलर ने कहा कि हम पहले बल्लेबाजी करेंगे. उन्होंने कहा कि यह विकेट अच्छा लग रहा है, पिच थोड़ी सूखी है लेकिन हम अच्छा स्कोर करने की कोशिश करेंगे. हम लगातार अपने बेहतर प्रदर्शन से चूक रहे हैं लेकिन आज के मैच में हम कुछ बेहतर करने की कोशिश करेंगे, क्योंकि टीम में निराशा आ गई है.

कुसल मेंडिस को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद

वहीं श्रीलंका के कप्तान कुसल मेंडिस ने कहा कि पिच अच्छी है और हम पहले बल्लेबाजी करना चाह रहे थे, लेकिन अब हम बाॅल के साथ बेहतर करेंगे. मैं कप्तानी का आनंद ले रहा हूं. टीम में ऐसे खिलाड़ी हैं जो मुझे सलाह दे रहे हैं और मेरा समर्थन कर रहे हैं. पिछले मैच में हमने बल्ले और गेंद से अच्छा प्रदर्शन किया था, इस बार भी बेहतर की उम्मीद है.

इंग्लैंड की टीम का हौसला पस्त

श्रीलंका ने अपने पिछले मैच में नीदरलैंड को हराया था, जिससे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा हुआ, लेकिन इंग्लैंड की टीम लगातार हार से निराश है. दक्षिण अफ्रीका से टीम अपना पिछला मैच हार गई थी. इस बार विश्वकप मुकाबले में इंग्लैंड की टीम का प्रदर्शन आशा के अनुरूप नहीं रहा है. इंग्लैंड की टीम प्वाइंट टेबल में आठवें और श्रीलंका सातवें स्थान पर है.

देखें प्लेइंग इलेवन

श्रीलंका (प्लेइंग इलेवन): पथुम निसांका, कुसल परेरा, कुसल मेंडिस (विकेटकीपर/कप्तान), सदीरा समरविक्रमा, चैरिथ असलांका, धनंजय डी सिल्वा, एंजेलो मैथ्यूज, महीश थीक्षाना, कासुन राजिथा, लाहिरू कुमारा, दिलशान मदुशंका

इंग्लैंड (प्लेइंग इलेवन): जॉनी बेयरस्टो, डेविड मालन, जो रूट, बेन स्टोक्स, जोस बटलर (विकेटकीपर/कप्तान), लियाम लिविंगस्टोन, मोइन अली, क्रिस वोक्स, डेविड विली, आदिल राशिद, मार्क वुड.

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Rajneesh Anand

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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