ICC Cricket World Cup 2023 : विश्वकप की वो पारियां जिसमें रोमांच तो था, लेकिन नहीं लगा कोई सिक्सर

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ICC Cricket World Cup 2023 : विश्वकप की वो पारियां जिसमें रोमांच तो था, लेकिन नहीं लगा कोई सिक्सर

Rohit Sharma of India with The ICC Men’s Cricket World Cup Trophy at the Hilton Barbados Resort, Needham’s Point Saint Michael, July 28, 2023.

भारत बनाम पाकिस्तान का हाई वोल्टेज मैच 14 अ��्टूबर को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया. इस मैच का रोमांच चरम सीमा पर था और फैंस की इस मैच में रुचि भी बहुत थी. लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि भारत और पाकिस्तान के इस मैच की एक पारी में कोई सिक्सर नहीं लगा.

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आईसीसी विश्वकप 2023 का रोमांच अपने चरम पर है. आज टूर्नामेंट का 25वां मैच इंग्लैंड और श्रीलंका के बीच खेला जाएगा. यह मैच बेंगलुरू के चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा. कल ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड के बीच मैच खेला गया, जिसमें नीदरलैंड को कंगारुओं ने बुरी तरह पराजित किया. इस मैच की खासियत थी ग्लेन मैक्सवेल की बैटिंग जिन्होंने महज 40 गेंद में नौ चौकों और आठ छक्कों की मदद से शतक जड़ा.

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आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 के रिकाॅर्ड

लेकिन यहां गौर करने वाली बात यह है कि आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 के कुछ ऐसे मुकाबले भी हुए जिनकी एक पारियों में कोई छक्का नहीं लगा, हालांकि वह मैच काफी रोमांचक था. आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ मुकाबलों के बारे में.

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पाकिस्तानी क्रिकेटर्स हुए धराशायी

भारत बनाम पाकिस्तान का हाई वोल्टेज मैच 14 अक्टूबर को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया. इस मैच का रोमांच चरम सीमा पर था और फैंस की इस मैच में रुचि भी बहुत थी. लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि भारत और पाकिस्तान के इस मैच की एक पारी में कोई सिक्सर नहीं लगा. मैच में कुल आठ छक्के लगे, जिसमें से छह छक्के रोहित शर्मा ने मारे और दो छक्का श्रेयस अय्यर के बल्ले से निकाला. लेकिन पाकिस्तान ने अपनी पूरी पारी में कोई छक्का नहीं जड़ा. पाकिस्तान की टीम ने 191 रन बनाया था और भारत को जीत के लिए 192 रन का टारगेट दिया था.

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नीदरलैंड की टीम साबित हुई फिसड्डी

ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड के बीच 25 अक्टूबर को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में मैच खेला गया. इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 399 रन बनाए थे, जिसमें कुल 15 छक्के लगे थे. ग्लेन मैक्सवेल ने आठ छक्के लगाए थे. वहीं नीदरलैंड की पारी महज 90 रन पर सिमट गई और इस पारी में कोई छक्का नहीं लगा.

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कंगारुओं ने नहीं जड़ा कोई छक्का
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विश्वकप 2023 में एक और मुकाबला ऐसा खेला गया है जिसकी एक पारी में कोई भी छक्का नहीं लगा. यह मुकाबला 12 अक्टूबर को दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया. दक्षिण अफ्रीका ने यह मैच 134 रन से जीता था. दक्षिण अफ्रीका ने 311 रन बनाए थे और कंगारुओं को 312 रन का टारगेट दिया था. इस पारी में कुल आठ छक्के लगे थे जिनमें से पांच छक्के डि काॅक ने जड़े थे. दक्षिण अफ्रीका द्वारा दिये गए लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया की टीम 177 रन पर ढेर हो गई और इस पारी में कोई भी छक्का नहीं लगा.

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रजनीश आनंद

लेखक के बारे में

By रजनीश आनंद

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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