Jharkhand News: चाकुलिया बैंक ऑफ बड़ौदा के सॉफ्टवेयर में तकनीकी गड़बड़ी, नहीं हुआ 50 लाख का कृषि ऋण माफ

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 09 Dec 2022 9:08 AM

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चाकुलिया बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में तकनीकी गड़बड़ी के कारण ऋण माफी की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा पा रही है. इसके लिए क्षेत्रीय कार्यालय को लिखित सूचना दे दी गई है. तकनीकी गड़बड़ी में आई सुधार के बाद ही ऋण माफी का लाभ दिया जा सकेगा.

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East Singhbhum: झारखंड कृषि ऋण माफी योजना के लाभ से चाकुलिया प्रखंड क्षेत्र के 175 केसीसी ऋण धारक किसान वंचित हो रहे हैं. इसका प्रमुख कारण है बैंक ऑफ बड़ौदा के सॉफ्टवेयर में तकनीकी गड़बड़ी. 31 मार्च 2020 के बाद चाकुलिया स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा से 295 किसानों ने केसीसी ऋण लिया था. जिनमें से 175 किसान झारखंड कृषि ऋण माफी योजना का लाभ पाने में सक्षम है. इस योजना के तहत 50 हजार रुपए तक की ऋण माफ की जानी है. बैंक ऑफ बड़ौदा चाकुलिया शाखा के खाताधारकों की खाता संख्या डबल जीरो से शुरू होती है.

बैंक ऑफ बड़ौदा के पोर्टल पर खाता संख्या डालने पर निवेदन को अस्वीकृत बता दिया जा रहा है. प्रारंभ के डबल जीरो हटाकर खाता संख्या डालने पर बैंक द्वारा गलत विवरण के कारण ट्रांजैक्शन विफल होने की बात बताई जा रही है. इस परिस्थिति में 175 केसीसी ऋण धारकों का लगभग ₹50 लाख (49 लाख 66 हजार 5 सौ 29 रुपए 55 पैसे) का ऋण माफी नहीं की जा सकी है. जिस कारण ऋण धारकों के साथ-साथ बैंक के अधिकारी भी काफी परेशान है.

तकनीकी गड़बड़ी में सुधार के बाद ही हो सकेगा ऋण माफी-शाखा प्रबंधक

चाकुलिया बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा के शाखा प्रबंधक महेश कुमार ने बताया कि तकनीकी गड़बड़ी के कारण ऋण माफी की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा पा रही है. इसके लिए उन्होंने क्षेत्रीय कार्यालय को लिखित सूचना दे दी है. तकनीकी गड़बड़ी में आई सुधार के बाद ही ऋण माफी का लाभ दिया जा सकेगा.

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केसीसी ऋण धारकों को नहीं मिला लाभ तो विधानसभा में उठेगी आवाज

बैंक ऑफ बड़ौदा चाकुलिया शाखा में केसीसी ऋण माफी नहीं होने से परेशान किसान कभी प्रखंड कार्यालय तो कभी विधायक कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं. सूचना पाकर विधायक प्रतिनिधि गौतम दास समेत अन्य झामुमो कार्यकर्ता बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा पहुंचे. शाखा प्रबंधक से मामले की जानकारी ली. विधायक को भी मामले की जानकारी दी गई है. विधायक समीर महंती ने कहा कि मामले का जल्द समाधान नहीं हुआ तो अगले विधानसभा सत्र में इस मामले को उठाएंगे.

लाभुकों को ई-केवाईसी कराना जरूरी

शाखा प्रबंधक महेश कुमार ने बताया कि कई किसानों ने अपना ई-केवाईसी नहीं करवाया है. जिस कारण वे कृषि ऋण माफी योजना से वंचित हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि झारखंड कृषि ऋण माफी योजना के लाभुकों को झारखंड सरकार के ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर ई-केवाईसी कराना होगा. जिसका शुल्क ₹1 है. इसके बाद ही इस योजना से लाभ लेने की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी. ई-केवाईसी नहीं कराने पर झारखंड कृषि ऋण माफी योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा.

रिपोर्ट : राकेश सिंह

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