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सरायकेला खरसांवा में रख रखाव के अभाव में बर्बाद हो रहा करोड़ों की लागत से बना शहीद पार्क

Updated at : 10 Aug 2020 2:44 PM (IST)
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सरायकेला खरसांवा में रख रखाव के अभाव में बर्बाद हो रहा करोड़ों की लागत से बना शहीद पार्क

रख रखाव के अभाव मनें खरसावां के शहीद पार्क की खुबसुरती खराब होती जा रही है. शहीद पार्क के चारों ओर झाडियां उग आयी है. एक जनवरी 2016 को उद्धाटन के समय शहीद पार्क में चारो ओर गुलाव, गेंदा, ग्लोडियस समेत विभिन्न प्रकार के फूल के पौधे लगाये गये थे. वर्ष 2016 में शहीद पार्क के गार्डेन में फूलों की खुशबु हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रहा था. परंतु इन दिनों चारों ओर झाड़ियां ही झाड़िया है. अधिकांश फूल के पौधे मर गये है. राशि के अभाव में नये फूल के पौधे पिछले दो साल से नहीं लगाया गया है. पिछले दो साल से शहीद पार्क के रख रखाव पर सरकार की ओर से राशि खर्च नहीं की गयी है. इस कारण शहीद पार्क पूरी तरह से बदहाल हो गयी है.

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खरसांवा : रख रखाव के अभाव मनें खरसावां के शहीद पार्क की खुबसुरती खराब होती जा रही है. शहीद पार्क के चारों ओर झाडियां उग आयी है. एक जनवरी 2016 को उद्धाटन के समय शहीद पार्क में चारो ओर गुलाव, गेंदा, ग्लोडियस समेत विभिन्न प्रकार के फूल के पौधे लगाये गये थे. वर्ष 2016 में शहीद पार्क के गार्डेन में फूलों की खुशबु हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रहा था. परंतु इन दिनों चारों ओर झाड़ियां ही झाड़िया है. अधिकांश फूल के पौधे मर गये है. राशि के अभाव में नये फूल के पौधे पिछले दो साल से नहीं लगाया गया है. पिछले दो साल से शहीद पार्क के रख रखाव पर सरकार की ओर से राशि खर्च नहीं की गयी है. इस कारण शहीद पार्क पूरी तरह से बदहाल हो गयी है.

शहीद पार्क के झूलों में लग गयी है जंग

शहीद पार्क के एक किनारे में बच्चों के खेलने के लिये विभिन्न तरह के झूले लगाये गये थे. अलग अलग तरह के प्लास्टीक के झूले सड़ रहे है. जबकि लौहे के झूले में जंग लग गयी है. करीब दो दर्जन खेल के उपकरण लगाये गये थे. सभी खराब हो गये है. लोगों के बैठने के लिये बनाये गये बैंच भी खराब हो गये है.

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शहीद पार्क का फव्वारा भी खराब

शहीद पार्क में आकर्षक फव्वारा भी लगाया गया था. वह भी खराब हो गया है. अब इस फव्वारा से पानी नहीं निकलती है. शहीद पार्क में बनाये गये चिल्ड्रेन कार्नर, लाइट फाउंटेन, सेल्टर, लिटिल पुल आदि भी खराब हो गये है. तीन छोटे छोटे स्टेज भी खराब हो गये है. शहीद पार्क में लगाये गये फैवरब्लॉक में भी घास उग आये है. पार्क के मुख्य गेट से शहीद स्थल जाने वाली सड़क के दोनों कीनारे भी घास की बड़ी बड़ी झाड़ियां उग आयी है. शहीदस्थल के चारों ओर भी घास व झाड़ियां उग आयी है. समय रहते मरम्मत की गयी, तो कुछ उपकरण अब भी ठीक हो सकते है.

साल में एक दिन के लिये खुलता है शहीद पार्क

खरसावां का शहीद पार्क साल में एक दिन के लिये ही खुलता है. एक जनवरी को शहीद दिवस के दिन हजारों की संख्या में लोग पहुंच कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते है. शहीद दिन के एक-दो दिन पहले ही प्रशासन की ओर से साफ सफाई कराई जाती है, जबकि बाकी दिन पार्क बंद रहता है. अन्य दिनों में कोई विशेष अतिथि आने पर ही शहीद पार्क खोला जाता है.

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विधायक गागराई ने विस में उठाया था मामला

खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने विस के बजट सत्र में शहीद पार्क की रख रखाव ढंग से नहीं होने का मामला विस में उठाया था. शून्य काल के दौरान गागराई ने सरकार से शहीद पार्क के रख रखाव की व्यवस्था करने की मांग की थी.

2.20 करोड़ खर्च कर बनाया गया शहीद पार्क

खरसावां का शहीद पार्क 2015 में करीब 2.20 करोड़ रुपये खर्च कर शहीद पार्क का निर्मण हुआ था. वन विभाग द्वारा पार्क का निर्माण किया गया था. करीब दस एकड़ जमीन में फैले इस पार्क का शिलान्यास वर्ष 2011 को तत्कालिन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने किया था, जबकि एक जनवरी 2016 को पार्क का उद्घाटन तत्कालिन मुख्यमंत्री रघुबर दास, सांसद कड़िया मुंडा व विधायक दशरथ गागराई ने किया था. इसके पश्चात फरवरी 2016 में 33.3 लाख रुपये इसमें खर्च किये गये थे. पिछले दो साल से शहीद पार्क के रख रखाव पर सरकार की ओर से राशि खर्च नहीं की गयी.

Posted By: Pawan Singh

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