Vijaya Ekadashi 2024: आज रखा जाएगा विजया एकादशी का व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Published by : Radheshyam Kushwaha Updated At : 06 Mar 2024 7:26 AM

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एकादशी का व्रत पारण

Vijaya Ekadashi 2024: फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है. फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि विजया एकादशी के नाम से जाना जाता है.

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Vijaya Ekadashi 2024: सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है. आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है. एकादशी तिथि भगवान विष्णु जी को समर्पित है. आज एकादशी व्रत रखकर भगवान विष्णु जी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने का विधान है. फाल्गुन माह कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को विजया एकादशी के नाम से जाना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि विजया एकादशी व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करने पर सभी तरह के कष्ट समाप्त हो जाते हैं. आइए जानते है विजया एकादशी व्रत पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि…

विजया एकादशी 2024 डेट और शुभ मुहूर्त

फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को विजया एकादशी के नाम से जाना जाता है. पंचांग के अनुसार, विजया एकादशी तिथि की शुरुआत 06 मार्च को सुबह 06 बजकर 30 मिनट पर हो चुकी है. वहीं एकादशी तिथि की समाप्ति 07 मार्च की सुबह 04 बजकर 13 मिनट पर होगी, इस बार विजया एकादशी व्रत 06 मार्च यानि आज है. विजया एकादशी के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 41 मिनट से सुबह 9 बजकर 37 मिनट तक रहेगा, जबकि व्रत पारण का समय 7 मार्च को दोपहर 01 बजकर 43 मिनट से शाम 4 बजकर 4 मिनट तक रहेगा.

एकादशी पूजा विधि

  • एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान कर साफ वस्त्र धारण करें.
  • अब मंदिर की सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव कर शुद्ध करें.
  • चौकी पर पीला या लाल कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें.
  • भगवान विष्णु का गंगा जल से अभिषेक करें.
  • भगवान विष्णु को पीले चंदन और हल्दी कुमकुम से तिलक करें.
  • भगवान विष्णु को पुष्प और तुलसी दल अर्पित करें.
  • अगर संभव हो तो इस दिन व्रत भी रखें.
  • भगवान विष्णु को भोग लगाएं.
  • भगवान विष्णु की आरती करें.
  • Aaj ka Panchang 06 मार्च 2024: आज है फाल्गुन कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि, जानें पूजा करने से पहले शुभ-अशुभ समय

एकादशी व्रत पूजा सामग्री लिस्ट

श्री विष्णु जी का चित्र अथवा मूर्ति, पुष्प, नारियल, सुपारी, फल, लौंग, धूप, दीप, घी, पंचामृत, अक्षत, तुलसी दल, चंदन, मिष्ठान, तुलसी दल, चंदन, मिष्ठान, पीले वस्त्र, माला, मौली आदि.

एकादशी के व्रत में शाम को क्या खाएं?

एकादशी व्रत में फल, चीनी, कुट्टू, आलू, साबूदाना, शकरकंद, जैतून, नारियल, दूध, बादाम, अदरक, काली मिर्च, सेंधा नमक आदि का सेवन किया जा सकता है.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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