Vastu Tips: छात्र जीवन किसी भी इंसान के पूरे जीवनकाल का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है. यह वह समय होता है, जिसके आधार पर अधिकतर लोगों का भविष्य और आर्थिक स्थिति निर्भर करती है. अक्सर आपने लोगों को कहते सुना होगा कि जिसने छात्र जीवन में एकाग्रता, अनुशासन हासिल कर लिया और कड़ी मेहनत की, उसे जीवन में सफलता जरूर मिलती है.
लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि कड़ी मेहनत के बावजूद छात्रों को मनचाहा परिणाम हासिल नहीं होता. इसका एक कारण वास्तु दोष भी हो सकता है. छात्र जहां पढ़ते हैं, यानी अध्ययन कक्ष में सही वास्तु नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है, वरना गलत वास्तु का अशुभ प्रभाव उन पर पड़ सकता है.
छात्रों के लिए जरूरी वास्तु नियम
साफ-सफाई
वास्तु शास्त्र के अनुसार, जहां आप पढ़ाई करते हैं वह स्थान हमेशा स्वच्छ होना चाहिए. पढ़ने के स्थान पर गंदगी या धूल जमा रहने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. कहा जाता है कि इससे चीजें समझने में देर होती है और पढ़ी हुई बातें भूलने लगते हैं. इसलिए जरूरी है कि अध्ययन स्थल को हमेशा साफ रखें.
स्टडी रूम की दिशा
वास्तु के अनुसार, स्टडी रूम घर के उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में होना चाहिए. यह दिशा अध्ययन के लिए सबसे शुभ मानी जाती है और इससे ज्ञान व बुद्धि के विकास पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. वहीं, स्टडी टेबल को कमरे की पूर्व या उत्तर दिशा में रखना चाहिए, जिससे पढ़ते समय सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.
बाथरूम के पास स्टडी रूम
माना जाता है कि स्टडी रूम के पास बाथरूम नहीं होना चाहिए. इसे शुभ नहीं माना जाता है, क्योंकि इससे नकारात्मकता आती है और पढ़ाई में ध्यान नहीं लगता.
स्टडी टेबल और दीवार के बीच दूरी
वास्तु के मुताबिक, हमेशा स्टडी टेबल और दीवार के बीच थोड़ी जगह छोड़कर रखनी चाहिए. माना जाता है कि इससे नए विचारों और रचनात्मक सोच को बढ़ावा मिलता है.
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.

