पूजा का पूर्ण फल पाने के लिए पढ़ें Varuthini Ekadashi 2025 की यह कथा

Published by : Shaurya Punj Updated At : 24 Apr 2025 7:43 AM

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Varuthini Ekadashi 2025 vrat katha in hindi

Varuthini Ekadashi 2025 vrat katha: यदि आप वरुथिनी एकादशी का व्रत रख रहे हैं, तो पूजा के साथ-साथ इस कथा का पाठ अवश्य करें. ऐसा करने से आपको व्रत का सम्पूर्ण फल प्राप्त होगा. आइए जानते हैं वरुथिनी एकादशी की व्रत कथा...

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Varuthini Ekadashi 2025 Vrat Katha: आज 24 अप्रैल को वैशाख मास में वरुथिनी एकादशी का व्रत रखा जा रहा है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. यदि आप व्रत रख रहे हैं, तो इस कथा का अध्ययन अवश्य करें.

वरुथिनी एकादशी व्रत कथा

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, वरुथिनी एकादशी की कथा स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठिर को सुनाई थी. यह कथा प्राचीन काल की है, जब नर्मदा नदी के तट पर मान्धाता नामक एक पराक्रमी और तपस्वी राजा का राज्य था. राजा मान्धाता न केवल दानशील थे, बल्कि धर्म और तप में भी उनका मन अटूट रूप से जुड़ा हुआ था.

वरुथिनी एकादशी पर करें लक्ष्मी चालीसा का पाठ, मिलेगा पूजा का पूर्ण फल

एक बार राजा वन में एकांत में ध्यानमग्न होकर तपस्या कर रहे थे. उसी समय एक जंगली भालू वहां आ पहुंचा और तप में लीन राजा का पैर चबाने लगा. आश्चर्य की बात यह थी कि राजा बिना विचलित हुए अपनी तपस्या में लीन रहे. कुछ समय बाद भालू उन्हें घसीटते हुए जंगल के भीतर ले गया.

हालांकि राजा बहुत भयभीत हुए, परंतु अपने धर्म के अनुसार उन्होंने न तो क्रोध किया और न ही किसी प्रकार की हिंसा की. उन्होंने करुणा से भगवान विष्णु को पुकारा. भक्त की पुकार सुनकर भगवान श्रीहरि विष्णु प्रकट हुए और अपने सुदर्शन चक्र से भालू का वध कर दिया.

राजा का एक पैर पहले ही भालू द्वारा खा लिया गया था, जिससे वे अत्यंत दुखी हो गए. तब भगवान विष्णु ने उन्हें सांत्वना देते हुए कहा, “वत्स! शोक मत करो. यह पीड़ा तुम्हारे पूर्व जन्म के कर्मों का फल है. अब तुम मथुरा जाओ और श्रद्धापूर्वक वरुथिनी एकादशी का व्रत रखो तथा मेरे वराह अवतार की पूजा करो. इस व्रत के प्रभाव से तुम्हारे अंग पुनः पूर्ण और सुंदर हो जाएंगे.”

भगवान की आज्ञा का पालन करते हुए राजा मान्धाता मथुरा पहुंचे और विधिपूर्वक वरुथिनी एकादशी का व्रत किया. इस व्रत के पुण्य प्रभाव से उनका शरीर पुनः संपूर्ण और सुंदर हो गया. यही नहीं, जीवन के अंत में वे स्वर्ग को प्राप्त हुए.

वरुथिनी एकादशी का महत्व

शास्त्रों के अनुसार, जो व्यक्ति भय, पीड़ा या पापों से प्रभावित है, उसे इस एकादशी का व्रत अवश्य करना चाहिए. यह व्रत भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त करने का एक साधन है. इस दिन व्रत रखकर भगवान के वराह रूप की पूजा करने से सभी पापों का नाश होता है और अंततः मोक्ष की प्राप्ति होती है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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