खरमास में यात्रा करना शुभ है या नहीं? जानिए ज्योतिष मान्यता

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खरमास में यात्रा शुभ या अशुभ

Traveling During Kharmas: खरमास की शुरुआत सूर्य के मीन राशि में प्रवेश से होती है. इस दौरान कई मांगलिक कार्यों से परहेज किया जाता है, लेकिन जरूरी परिस्थितियों में यात्रा करना पूरी तरह निषिद्ध नहीं माना जाता.

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Kharmas 2026: ज्योतिष शास्त्र में सूर्य का राशि परिवर्तन विशेष महत्व रखता है. सूर्य हर माह एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करते हुए विभिन्न राशियों पर अपना शुभ और अशुभ प्रभाव डालते हैं. लेकिन सूर्य का मीन राशि में प्रवेश विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसी के साथ खरमास की शुरुआत होती है.

इस वर्ष 14 मार्च को रात 1 बजकर 8 मिनट पर सूर्य देव मीन राशि में प्रवेश कर चुके हैं और इसी के साथ खरमास शुरू हो गया है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में कई मांगलिक कार्यों से परहेज करने की सलाह दी जाती है. ऐसे में लोगों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या खरमास के दौरान यात्रा करना शुभ माना जाता है या नहीं.

क्या होता है खरमास

खरमास उस अवधि को कहा जाता है जब सूर्य देव गुरु ग्रह की राशि धनु या मीन में प्रवेश करते हैं. इस समय सूर्य का प्रभाव थोड़ा मंद माना जाता है, इसलिए विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन या अन्य मांगलिक कार्य करने से बचने की परंपरा है.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस समय पूजा-पाठ, दान-पुण्य, जप और आध्यात्मिक साधना करना अधिक शुभ माना जाता है.

खरमास में यात्रा करना शुभ या अशुभ

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार खरमास में यात्रा करना पूरी तरह से निषिद्ध नहीं माना गया है. यदि किसी जरूरी काम, नौकरी, शिक्षा या पारिवारिक कारण से यात्रा करनी पड़े तो इसमें कोई विशेष बाधा नहीं मानी जाती.

हालांकि इस अवधि में नए और शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है. इसलिए यदि यात्रा किसी शुभ कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश या नए व्यवसाय की शुरुआत के लिए की जा रही हो, तो उसे टालना बेहतर माना जाता है.

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क्या करना चाहिए इस दौरान

खरमास के दौरान धार्मिक कार्यों और आध्यात्मिक गतिविधियों पर अधिक ध्यान देने की सलाह दी जाती है. इस समय मंदिरों में पूजा, दान, व्रत और भगवान विष्णु की आराधना करना विशेष फलदायी माना जाता है.

मान्यता है कि इस अवधि में किए गए आध्यात्मिक कार्यों से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है और जीवन में आने वाली बाधाएं कम होती हैं.

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शौर्य पुंज

लेखक के बारे में

By शौर्य पुंज

मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.

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