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Surya Grahan 2025: कल लगने वाला है सूर्य ग्रहण, इस दौरान करें ये उपाय और बचें इन गलतियों से

Updated at : 20 Sep 2025 12:37 PM (IST)
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Surya Grahan 2025 does and donts

सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करें क्या नहीं

Surya Grahan 2025: कल 21 सितंबर को लगने वाला सूर्य ग्रहण खगोलीय और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. ज्योतिष के अनुसार इस दौरान कुछ विशेष उपाय करने और कुछ गलतियों से बचने की सलाह दी जाती है. सही आचार-व्यवहार अपनाकर आप सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त कर सकते हैं.

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Surya Grahan 2025: इस महीने पहले ब्लड मून (चंद्रग्रहण) देखने को मिला और अब 21 सितंबर को साल का अंतिम सूर्यग्रहण — आंशिक सोलर ईक्लिप्स — होगा. यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन ज्योतिष और आध्यात्मिक मान्यताओं के अनुसार इसका प्रभाव हमारी जिंदगी पर महसूस किया जा सकता है.

सूर्यग्रहण क्या है और इसका महत्व

सूर्यग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है. यदि आप ग्रहण की पट्टी में नहीं हैं, तो आप इसे प्रत्यक्ष रूप से नहीं देख पाएंगे और न ही इसका सीधा भौतिक असर पड़ेगा. फिर भी, वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रहण केवल देखने भर से सीमित नहीं है; इस दौरान सूर्य, चंद्र और पृथ्वी की स्थिति ऊर्जा के प्रवाह को प्रभावित करती है, जो आपकी राशि और जन्मकुंडली के अनुसार असर डाल सकती है.

पितृ पक्ष के आखिरी दिन ग्रहण

गौर करने वाली बात है कि यह आंशिक सूर्यग्रहण पितृ पक्ष के अंतिम दिन पड़ रहा है. इस समय पूर्वजों की स्मृति में श्राद्ध, दान और पूजा जैसे कर्म किए जाते हैं. ज्योतिषीय मान्यता है कि ग्रहण काल ध्यान, मंत्र-जाप, आत्मनिरीक्षण और व्रत के लिए शुभ माना जाता है.

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किन राशियों पर हो सकता है प्रभाव

इस ग्रहण का विशेष असर वृषभ, कर्क और मीन राशियों पर माना जा रहा है. जिन लोगों के सूर्य, चंद्रमा या अन्य प्रमुख ग्रह इन राशियों में हैं, उन्हें व्यक्तिगत रिश्तों, भावनाओं और करियर से जुड़े बदलाव अनुभव हो सकते हैं.

ग्रहण का समय (भारतीय समयानुसार)

  • शुरुआत: 21 सितंबर, रात 10:59 बजे
  • अधिकतम प्रभाव: 22 सितंबर, सुबह 1:11 बजे
  • समाप्ति: 22 सितंबर, सुबह 3:23 बजे

ग्रहण के दौरान क्या करें

  • ध्यान, मंत्र-जाप, प्रार्थना और आत्मनिरीक्षण करें.
  • हल्का व सात्विक भोजन ग्रहण से 2 घंटे पहले ही पूरा कर लें.
  • इसे नकारात्मक ऊर्जा को छोड़कर खुद को रीसेट करने का समय मानें.

क्या न करें

  • ग्रहण के समय बड़े या जीवन-परिवर्तनकारी फैसले न लें.
  • स्वास्थ्य और दिनचर्या को नजरअंदाज न करें.
  • भोजन और तेज वस्तुओं का उपयोग करने से बचें.

आंशिक सूर्यग्रहण क्या होता है

जब चंद्रमा सूर्य का केवल एक हिस्सा ढकता है, तो इसे आंशिक सूर्यग्रहण कहते हैं. 21 सितंबर को यह दृश्य कई देशों में दिखाई देगा, लेकिन भारत में इसे प्रत्यक्ष नहीं देखा जा सकेगा.

जन्मकुंडली, वास्तु, तथा व्रत त्यौहार से सम्बंधित किसी भी तरह से जानकारी प्राप्त करने हेतु दिए गए नंबर पर फोन करके जानकारी प्राप्त कर सकते है .

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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