Sun Rises in The East : हजारों साल से बताया जा रहा है झूठ, सूरज पूरब से नहीं निकलता

सूरज पूरब में सच में उगता है?
Sun Rises in The East : सूरज के पूरब से निकलने की और पश्चिम ढलने की थ्योरी असल में झूठी है. न तो सूरज पूरब से निकलता है और न ही पश्चिम ढलता है. फिर क्या है सच्चाई?
सूरज पूरब से निकलता है. इसे सार्वभौमिक सत्य माना गया है. यानी ऐसा सच जिसे बदला नहीं जा सकता. लेकिन सच नहीं है. न तो सूरज पूरब से निकलता है न ही वह पश्चिम में ढलता है. असल में
हमारी बोलचाल की भाषा में कई बातें ऐसी हैं जो या तो इसलिए बोली जा रही हैं क्योंकि सालों से उसे वैसे ही बोला जा रहा है या फिर वैसा बोलना आसान है, इसलिए आसानी के चलते उसे बोल रहे हैं.
यह भी पढ़ें : Aaj Ka Panchang: आज 10 दिसंबर 2024 का पंचांग, देखें शुभ मुहूर्त और चन्द्रोदय का समय
दरअसल, सूरज अपनी जगह पर ही रहता है. हम यानी पृथ्वी उसका चक्कर लगाते हैं. सूरज न तो निकलता है न ही ढलता है. लेकिन जब भाषा विकसित हुई और लोगों ने यूनिवर्स के बारे में इतनी जानकारी नहीं थी तो उन्होंने देखा कि सूरज पूरब से निकल रहा है और पश्चिम में ढल रहा है. फिर यह बात लिखी जाने लगी और बोली जाने लगी. फिर पीढ़ी दर पीढ़ी यह चलती जा रही है.
धर्म से जुड़ी ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें
सूरज अपनी जगह से टस–से–मस नहीं होता
अब यह स्पष्ट हो चुका है कि हम ब्रह्माण्ड के मिल्की वे नाम की आकाशगंगा के हिस्सा हैं. इसमें पृथ्वी सूरज के चारों ओर चक्कर लगाया करती है. जबकि सूरज अपनी जगह से टस से मस तक नहीं होता.
पृथ्वी जब सूरज का चक्कर लगाती है तो पूरब–पश्चिम वाली बात कहां से आ गई?
दिशाओं के बारे में कहा जाता है कि दशों दिशाओं की जानकारी हमारे वेद ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद दी गई हैं. ऐसे में जब भी हमें किसी वस्तु या स्थान के बारे में बताना होता है तो हम किसी न किसी दिशा का नाम लेकर कहते हैं कि उस ओर है. यह कहना गलत नहीं है. फर्ज कीजिए पंजाब किधर है, सभी कहेंगे एक उत्तरी राज्य है, तमिलनाडु किधर है, तो कहेंगे कि यह एक दक्षिणी राज्य है. यहां तक ठीक है. पर यह कहना ठीक न होगा कि पंजाब उत्तर की ओर से निकलता है उत्तर में ही रहता है, उत्तर में विचरण करता है. ठीक वैसे ही तमिलनाडु दक्षिण में किसी तरह की कोई क्रिया करता है. क्योंकि दोनों ही स्थान एक जगह पर स्थित हैं. उनमें कोई क्रिया नहीं है.
यह भी पढ़ें : Somvati Amavasya 2024: ग्रह दोष से मुक्ति और पितरों की तृप्ति के लिए सोमवती अमावस्या के दिन करें इन चीजों का दान
लेकिन सूरज के बारे में ऐसी भ्रांति है कि वह क्रिया करता है. वह चलता है. वह उगता है और वह ढलता है. जबकि असल बात यह है कि वह अपनी जगह पर ही होता है. क्रिया पृथ्वी करती है. पृथ्वी के निवासी रोजाना सूरज किसी खास हिस्से को अलग–अलग समय से अनुसार देखा करते हैं. वो तो निरंतर एक ही जगह पर एक ही ऊर्जा के साथ चमक रहा है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में
By जनार्दन पांडेय
जनार्दन पांडेय प्रभात खबर डिजिटल में रेजिडेंट एडिटर हैं. पिछले 14 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं और न्यूज रूम, डिजिटल रणनीति और ऑडियंस ग्रोथ पर काम कर रहे हैं. इससे पहले वे अमर उजाला, न्यूज18 और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं.
डिजिटल पत्रकारिता में नए प्रयोग, AI, सॉल्यूशन जर्नलिज्म और मीडिया इनोवेशन उनके पसंदीदा विषय हैं. साल 2024 में उन्हें एक्सचेंज4मीडिया के 40 अंडर 40 सम्मान से सम्मानित किया गया. वे इंडो जर्मन जर्नलिज्म कनेक्ट फेलो भी रह चुके हैं.
जनार्दन दो पुस्तकों के लेखक हैं. बिहार विधानसभा चुनाव पर लिखी उनकी पुस्तक 'बिहार जनादेश 2025: NDA की प्रचंड जीत की पूरी कहानी' और "Rewiring Trust in Journalism" हैंडबुक को व्यापक सराहना मिली. वे समय समय पर डिजिटल मीडिया, पत्रकारिता और बदलती तकनीक पर लिखते हैं और पत्रकारों को प्रशिक्षण भी देते हैं। 📩 संपर्क : [email protected]
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










