शरीर के इन अंगों पर छिपकली गिरना देता है शुभ-अशुभ संकेत, जानें सामुद्रिक शास्त्र क्या कहता है
Published by : Shaurya Punj Updated At : 21 May 2026 8:33 AM
शरीर पर छिपकली गिरने पर क्या कहता है सामुद्रिक शास्त्र
Lizard falling: सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार शरीर के अलग-अलग अंगों पर छिपकली गिरना शुभ और अशुभ संकेत देता है. जानें सिर, माथे, नाक और हाथ पर गिरने का क्या अर्थ माना जाता है.
Lizard falling: घर में छिपकली दिखाई देना आम बात है, लेकिन जब छिपकली अचानक किसी व्यक्ति के शरीर पर गिर जाए तो डर लगना स्वाभाविक है. हालांकि, सामुद्रिक शास्त्र में इसे केवल संयोग नहीं माना गया है. मान्यता है कि शरीर के अलग-अलग अंगों पर छिपकली गिरने के अलग-अलग संकेत और फल होते हैं. कहीं इसे शुभ माना गया है तो कहीं सावधानी बरतने का संकेत बताया गया है.
सिर पर छिपकली गिरना
सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार सिर पर छिपकली गिरना बेहद शुभ माना जाता है. यह संकेत देता है कि व्यक्ति को धन लाभ, पद-प्रतिष्ठा या किसी बड़े अवसर की प्राप्ति हो सकती है. कई लोग इसे जीवन में सकारात्मक बदलाव का संकेत भी मानते हैं.
माथे पर छिपकली गिरने का अर्थ
यदि छिपकली माथे पर गिर जाए तो इसे सामाजिक सम्मान और पुराने संबंधों से जोड़कर देखा जाता है. मान्यता है कि जल्द ही किसी रिश्तेदार, मित्र या पुराने परिचित से मुलाकात हो सकती है. साथ ही यह व्यक्ति के मान-सम्मान में वृद्धि का संकेत भी माना जाता है.
नाक पर छिपकली गिरना
नाक पर छिपकली गिरने को स्वास्थ्य से जोड़कर देखा जाता है. सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार यह व्यक्ति को अपनी सेहत के प्रति सतर्क रहने का संकेत देता है. ऐसे में खानपान और दिनचर्या पर विशेष ध्यान देना चाहिए.
हाथ और पैरों पर छिपकली गिरना
हाथ पर छिपकली गिरना आर्थिक लाभ और सफलता का संकेत माना जाता है. वहीं पैरों पर गिरना यात्रा, भागदौड़ या जीवन में आने वाली चुनौतियों की ओर इशारा कर सकता है. इसलिए इसे सावधानी बरतने का संकेत माना गया है.
आस्था और मान्यता से जुड़ी बातें
छिपकली गिरने से जुड़े ये संकेत धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं. इन्हें अंधविश्वास के बजाय लोकविश्वास और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए.
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By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
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