द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की आरती क्यों है जरूरी? जानें सही नियम

Published by : Neha Kumari Updated At : 05 Feb 2026 8:13 AM

विज्ञापन

भगवान गणेश की आरती

Sankashti Chaturthi 2026: द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के दिन ज्ञान और बुद्धि के दाता भगवान गणेश की पूजा की जाती है. इस दिन पूजा के समय आरती का पाठ करना बेहद शुभ और सकारात्मक माना जाता है. मान्यता है कि इससे वातावरण शुद्ध होता है और मन को शांति मिलती है. इसलिए संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की आरती अवश्य करनी चाहिए.

विज्ञापन

Sankashti Chaturthi 2026: आज, 5 फरवरी 2026 को द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी मनाई जा रही है. यह दिन प्रथम पूज्य भगवान गणेश को समर्पित है. धार्मिक मान्यता है कि जो भी भक्त विधि-विधान से गणपति बप्पा की पूजा करता है और व्रत रखता है, उस पर भगवान गणेश की कृपा बनी रहती है. इससे साधक की बुद्धि का विकास होता है और ज्ञान में वृद्धि होती है.भगवान गणेश की पूजा का समापन हमेशा आरती के साथ करना चाहिए, क्योंकि बिना आरती के पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती.

भगवान गणेश आरती

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा.
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी.
माथे सिंदूर सोहे, मूषक की सवारी॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा.
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

पान चढ़े, फल चढ़े और चढ़े मेवा.
लड्डुओं का भोग लगे, संत करें सेवा॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा.
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया.
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा.
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

‘सूर’ श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा.
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा.
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी.
कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी॥

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा.
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

आरती के समय क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

एकाग्रता

आरती के समय बातचीत करना या मोबाइल देखना वर्जित माना जाता है. अपना पूरा ध्यान भगवान की छवि और आरती के शब्दों पर रखें.

आरती की थाली घुमाने का तरीका

आरती की थाली हमेशा घड़ी की दिशा में घुमानी चाहिए. शास्त्रों के अनुसार, इसे भगवान के चरणों से शुरू करके ऊपर मुख की ओर ले जाना चाहिए.

दीपक या कपूर

ध्यान रखें कि आरती के दौरान दीपक या कपूर बुझना नहीं चाहिए. दीपक में पर्याप्त मात्रा में घी या तेल रखें. यदि गलती से बुझ जाए, तो क्षमा मांगकर दोबारा दीपक जला लें.

शारीरिक शुद्धि और आसन

आरती हमेशा स्वच्छ अवस्था में करें. सीधे जमीन पर खड़े होने के बजाय किसी आसन, कपड़े या चटाई का उपयोग करें, ताकि शरीर की ऊर्जा सीधे जमीन में न जाए.

यह भी पढ़ें: Sankashti Chaturthi 2026: आज है फाल्गुन संकष्टी चतुर्थी व्रत, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का सही समय

विज्ञापन
Neha Kumari

लेखक के बारे में

By Neha Kumari

नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola