Sakat Chauth 2026: सकट चौथ भारत का एक विशेष पर्व है. इस दिन ज्ञान और बुद्धि के दाता, प्रथम पूजनीय भगवान गणेश की आराधना की जाती है. माताएं अपनी संतान की सुरक्षा और लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं, वहीं कई विवाहित महिलाएं संतान प्राप्ति के लिए भी यह व्रत करती हैं. इस दिन चंद्रमा को अर्घ्य देने की परंपरा है. जो भी साधक इस व्रत को सच्चे मन से करता है, भगवान गणेश उसकी हर मनोकामना पूर्ण करते हैं. ऐसे में यदि आप भी यह व्रत करने वाली हैं, तो इससे जुड़ी कुछ खास बातों का जानना बेहद जरूरी है. इस लेख के माध्यम से हम जानेंगे कि सकट चौथ के दिन किन-किन सावधानियों का पालन करना चाहिए.
सकट चौथ के दिन क्या न करें?
काले रंग के कपड़े
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सकट चौथ के दिन कभी भी काले रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए. कहा जाता है कि काला रंग नकारात्मक ऊर्जा को अपनी ओर आकर्षित करता है, जिससे पूजा के फल पर अशुभ प्रभाव पड़ सकता है.
चंद्रमा को अर्घ्य
सकट चौथ के दिन चंद्रमा को अर्घ्य देने का विशेष महत्व होता है. चंद्रमा को अर्घ्य दिए बिना यह पर्व अधूरा माना जाता है. इसलिए चंद्रमा को अर्घ्य देना कभी न भूलें.
चंद्रमा को अर्घ्य देते समय इस बात का ध्यान रखें कि जल के छींटे आपके पैरों पर न पड़ें. अर्घ्य के लिए उपयोग किया गया जल पैरों पर पड़ना अशुभ माना जाता है. यदि गलती से जल के छींटे पैरों पर पड़ जाएं, तो तुरंत क्षमा मांग लें.
इन वस्तुओं को दान न करें
सकट चौथ के दिन दान देना बहुत शुभ माना जाता है, लेकिन कुछ ऐसी चीजें हैं जिनका दान इस दिन वर्जित होता है. मान्यता है कि इस दिन तेल, नुकीली चीजें और हल्दी का दान नहीं करना चाहिए. इस दिन इन वस्तुओं का दान अशुभ माना जाता है.
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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.

