बंगला नववर्ष की शुरुआत आज से, जानें पोइला बोइशाख का महत्व और परंपराएं

Edited by Shaurya Punj
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Poila Baisakh 2025 how to celebrate Bengali New Year 2025

Poila Baisakh 2025: पोइला बोइशाख हर वर्ष 14 या 15 अप्रैल को मनाया जाता है. इस वर्ष, पोइला बोइशाख 15 अप्रैल 2025 को आएगा. लोग एक-दूसरे को 'शुभो नोबो बोरसो' (नया साल मुबारक) कहकर नए साल की बधाई देते हैं. इसी दिन, वर्ष 1431 में बंगाली कैलेंडर की शुरुआत हुई थी.

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Poila Baisakh 2025, Bengali New Year 2025: भारत की विशेषता अनेकता में एकता है. इस देश में विभिन्न जातियों और समुदायों के लोग अपने-अपने अलग नववर्ष का उत्सव मनाते हैं. नववर्ष के भिन्न होने के कारण कैलेंडर भी अलग-अलग होते हैं. एक ही देश के भीतर कई क्षेत्रीय कैलेंडर प्रचलित हैं. भारत में ‘हिंदू चंद्र-आधारित’, ‘हिंदू सूर्य-आधारित’, ‘इस्लामिक चंद्र कैलेंडर’ और ‘बंगाली कैलेंडर’ का उपयोग किया जाता है. बंगाली कैलेंडर के अनुसार, बंगाली नववर्ष किसी वर्ष 14 तो किसी वर्ष 15 अप्रैल को आरंभ होता है, और इसके पहले दिन को ‘पोइला बैशाख’ के नाम से जाना जाता है. इस वर्ष पोइला बैशाख 15 अप्रैल को मनाया जाएगा, अर्थात आज मंगलवार से बंगाली नववर्ष की शुरुआत होगी.

पोइला बोइशाख का इतिहास

पोइला बैसाख के बारे में कई मान्यताएँ प्रचलित हैं. कहा जाता है कि मुगल काल में इस्लामी हिजरी कैलेंडर के अनुसार करों का संग्रह किया जाता था. लेकिन हिजरी कैलेंडर और चंद्र कैलेंडर के बीच असंगति थी (कृषि चक्रों के भिन्न होने के कारण). इसलिए, बंगालियों ने इस त्योहार की शुरुआत की और बंगाली कैलेंडर को बंगबाड़ा के नाम से जाना जाने लगा.

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यह दिन मांगलिक कार्यों के लिए शुभ है

जैसे हिंदू धर्म में कुछ विशेष दिन मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं, उसी प्रकार बंगाली समुदाय पोइला बोईशाख के दिन गृह प्रवेश, मुंडन, विवाह आदि मांगलिक कार्यों को करना शुभ मानता है. इसके अलावा, किसी नए कार्य की शुरुआत या नया व्यवसाय शुरू करने के लिए भी यह दिन विशेष महत्व रखता है.

बंगाली कैलेंडर की उत्पत्ति के विषय में विद्वानों के बीच विभिन्न दृष्टिकोण हैं. कुछ scholars इसे मुगल काल से जोड़ते हैं, जबकि अन्य का मानना है कि इसका आरंभ हिंदू शासन काल में हुआ, जो बंगाली नववर्ष को ‘विक्रमी हिंदू कैलेंडर’ के पहले दिन बैसाखी से संबंधित मानते हैं, जिसे मुख्यतः सिखों और हिंदुओं द्वारा मनाया जाता है. कुछ बंगाली गांवों में यह मान्यता है कि इस कैलेंडर का नाम बंगाल के एक राजा ‘बिक्रमदित्तो’ के नाम पर रखा गया है.

पोइला बैशाख या बंगला नववर्ष को पश्चिम बंगाल, बंगलादेश, त्रिपुरा और अन्य उत्तर-पूर्वी भारतीय राज्यों में बंगाली समुदाय द्वारा बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है. भारत में यह दिन भगवान गणेश, जो शुभारंभ के देवता हैं, और देवी लक्ष्मी, जो धन और समृद्धि की देवी हैं, को समर्पित होता है. लोग पवित्र नदियों में स्नान करते हैं, और मान्यता है कि ऐसा करने से समृद्धि की प्राप्ति होती है.

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By Shaurya Punj

शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.

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