Pitru Paksha End Date 2025: कब होगा श्राद्ध पक्ष का समापन, जानें महत्व और मुहूर्त
Published by : Neha Kumari Updated At : 16 Sep 2025 2:04 PM
Pitru Paksha 2025
Pitru Paksha End Date 2025: 7 सितंबर से शुरू हुआ पितृ पक्ष अब अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है. 21 सितंबर को पितृ पक्ष की समाप्ति हो जाएगी. मान्यता है कि पितृ पक्ष के दौरान तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है.
Pitru Paksha End Date 2025: पितृ पक्ष, जिसे श्राद्ध पक्ष या सर्वपितृ पक्ष भी कहा जाता है, अब से बस कुछ ही दिनों में समाप्त होने वाला है. इस वर्ष इसकी शुरुआत 7 सितंबर 2025 को हुई थी और इसका समापन 21 सितंबर 2025 को होगा. पितृपक्ष के दौरान दिवंगत पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने की परंपरा है. मान्यता है कि इससे पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और घर-परिवार पर पितरों का आशीर्वाद बना रहता है.
पितृपक्ष का महत्व
- पितरों की आत्मा को शांति और तृप्ति: मान्यता है कि पितृपक्ष के दौरान किए गए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान से पितरों की आत्मा को तृप्ति और शांति मिलती है.
- घर में सुख-शांति: पितरों को प्रसन्न करने से जीवन में सुख-समृद्धि, संतान सुख और घर में शांति बनी रहती है.
- मोक्ष की प्राप्ति: पितृपक्ष में किए गए कर्मकांड और विशेष अर्पण जैसे अन्न, जल और तिल से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है.
- कष्ट और बाधाओं से मुक्ति: पितरों की कृपा से व्यक्ति के जीवन से कष्ट और बाधाएं दूर हो जाती हैं.
श्राद्ध मुहूर्त 2025
इस साल आश्विन मास की सर्वपितृ अमावस्या तिथि 20 सितंबर की रात 12:16 बजे से शुरू होकर 21 सितंबर की रात 1:23 बजे तक रहेगी. यह समय पितरों की आत्मा की शांति के लिए किए जाने वाले श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान के लिए सबसे शुभ माना गया है. सर्वपितृ अमावस्या के दिन वे लोग भी श्राद्ध कर सकते हैं जिनके पितरों की मृत्यु तिथि याद नहीं होती. इस दिन सभी पूर्वजों को एक साथ याद करके तर्पण और पिंडदान करने की परंपरा है.
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By Neha Kumari
नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.
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