हस्तरेखा से जानें शादी के बाद कब मिलेगा संतान सुख

Palmistry know facts about santan rekha
Palmistry: दांपत्य जीवन में प्रवेश करते ही अधिकांश लोगों की आंखों में संतान का सपना झलकने लगता है. पति-पत्नी अपनी संतान की योजना बनाने में जुट जाते हैं. यदि आप भी यह विचार कर रहे हैं कि आपकी संतान कितनी होगी और वे कैसे होंगे, तो अधिक चिंतन करने के बजाय अपनी हथेली में मौजूद कुछ रेखाओं पर ध्यान दें, आपको सभी उत्तर मिल जाएंगे.
Palmistry: हस्तरेखा विज्ञान में हथेली की रेखाओं के आधार पर अत्यंत रोचक जानकारी प्रस्तुत की जाती है. इन जानकारियों के माध्यम से किसी व्यक्ति के स्वभाव और भविष्य के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की जा सकती है. आज हम हथेली की उन रेखाओं पर चर्चा करेंगे, जिनसे हम बताएंगे कि शादी के बाद कब तक व्यक्ति की संभावित संतान हो सकती है.
इन रेखाओं से होता है संतान सुख का आकलन
समुद्रशास्त्र के अनुसार, हथेली में सबसे छोटी उंगली के नीचे बुध पर्वत स्थित होता है. बुध पर्वत के निकट उपस्थित खड़ी रेखाएं और अंगूठे के नीचे, अर्थात् शुक्र पर्वत के पास जो भी छोटी रेखाएं होती हैं, उन्हें संतान रेखा के रूप में माना जाता है. इन रेखाओं के माध्यम से संतान सुख का आकलन किया जाता है.
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यह जानना रोचक है कि बुध और शुक्र पर्वत की इन सूक्ष्म रेखाओं को हस्तरेखा विज्ञान में संतान रेखा के रूप में जाना जाता है. हस्तरेखा विज्ञान का प्रमुख उपयोग जीवन में बीमारियों और अप्रत्याशित घटनाओं की भविष्यवाणी के लिए किया जाता था. केवल एक कुशल हस्तरेखाविद् ही इन रेखाओं को सटीकता से पहचानने में सक्षम होता है.
हर नवविवाहित दंपति की इच्छा होती है कि उन्हें शीघ्र संतान की प्राप्ति हो. किसी भी ज्योतिषी से नवविवाहितों का पहला प्रश्न संतान के विषय में ही होता है. आपके इन सभी प्रश्नों के उत्तर जन्म कुंडली के साथ-साथ हस्तरेखाओं में भी मिल सकते हैं. आइए जानते हैं कि हथेली पर संतान रेखा कहाँ स्थित होती है और ये रेखाएं किस प्रकार के संकेत देती हैं.
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लेखक के बारे में
By Shaurya Punj
मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.
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