Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर मौन और स्नान क्यों बदल देता है जीवन की दिशा?

Published by : Shaurya Punj Updated At : 09 Jan 2026 11:26 AM

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मौनी अमावस्या 2026: मौन और स्नान बदलते हैं जीवन

Mauni Amavasya 2026: माघ मास की मौनी अमावस्या पर किया गया पावन स्नान और मौन व्रत सनातन धर्म में सबसे बड़ा तप माना गया है. मान्यता है कि इस दिन वाणी का संयम और नदी स्नान आत्मा को शुद्ध कर पापों का नाश करता है. जानिए मौनी अमावस्या का धार्मिक रहस्य.

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Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या सनातन धर्म की सबसे पुण्यदायी तिथियों में मानी जाती है. माघ मास की इस अमावस्या पर गंगा स्नान और मौन व्रत को सबसे बड़ा तप कहा गया है. मान्यता है कि इस दिन मौन और संयम से किया गया स्नान आत्मा को शुद्ध करता है और जीवन में सुख-शांति का मार्ग खोलता है.

मौनी अमावस्या पर स्नान इतना पुण्यदायी क्यों माना जाता है?

धर्मग्रंथों के अनुसार इस दिन किया गया स्नान हजारों यज्ञों के बराबर फल देता है. विशेषकर त्रिवेणी संगम में स्नान को मोक्षदायी माना गया है. ऐसा विश्वास है कि मौनी अमावस्या पर देवता और पितृलोक के दिव्य शक्तियां पृथ्वी के समीप होती हैं, जिससे स्नान, दान और जप का फल कई गुना बढ़ जाता है. इसी कारण प्रयागराज, हरिद्वार और काशी जैसे तीर्थों में इस दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है.

मौन व्रत को शास्त्रों में सबसे कठिन तप क्यों कहा गया है?

“मौनी” शब्द का अर्थ है मौन धारण करने वाला. शास्त्रों में कहा गया है कि वाणी पर संयम रखना सबसे कठिन तप है. मौनी अमावस्या पर मौन रहने से व्यक्ति अपने भीतर की नकारात्मकता, क्रोध और अस्थिर विचारों को शांत कर पाता है. यह दिन आत्मचिंतन और ध्यान के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि मौन व्रत से किया गया जप और ध्यान सीधे आत्मा को स्पर्श करता है, जिससे आध्यात्मिक उन्नति होती है. यही कारण है कि ऋषि-मुनि इस दिन मौन साधना को सर्वोच्च तप बताते हैं.

मौनी अमावस्या 2026 की सही तिथि क्या है? भ्रम दूर करें

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमावस्या तिथि में किया गया स्नान और दान कई गुना पुण्य फल देता है, इसलिए मौनी अमावस्या 2026 की तिथि जानना जरूरी है.

मौनी अमावस्या 2026 के शुभ मुहूर्त

  • सूर्योदय: प्रातः 07:15 बजे
  • सूर्यास्त: सायं 05:49 बजे
  • चंद्रास्त: सायं 05:20 बजे
  • ब्रह्म मुहूर्त: 05:27 से 06:21 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:10 से 12:53 बजे तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:17 से 3:00 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त: सायं 05:46 से 06:13 बजे तक

दान और पुण्य का विशेष योग

मौनी अमावस्या पर अन्न, वस्त्र, तिल, घी और कंबल का दान विशेष फलदायी माना जाता है. पितरों के निमित्त तर्पण करने से पितृ दोष शांत होने की मान्यता भी जुड़ी है. कहा जाता है कि इस दिन किए गए पुण्य कर्म जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग खोलते हैं.

मौनी अमावस्या हमें सिखाती है कि शब्दों से अधिक शक्ति मौन में होती है. एक दिन का संयम और साधना व्यक्ति को भीतर से मजबूत बनाती है. यही कारण है कि इस दिन मौन रहना केवल परंपरा नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि का सबसे बड़ा तप माना गया है.

ये भी पढ़ें:  कब है मौनी अमावस्या 18 या 19 जनवरी? जानें सही तिथि

मौनी अमावस्या पर स्नान क्यों किया जाता है?

धार्मिक मान्यता है कि मौनी अमावस्या पर पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों का नाश होता है और आत्मा शुद्ध होती है.

मौनी अमावस्या पर मौन व्रत का क्या महत्व है?

इस दिन मौन धारण करने से वाणी पर संयम आता है, मन शांत होता है और इसे शास्त्रों में सबसे बड़ा तप माना गया है.

मौनी अमावस्या 2026 कब है?

मौनी अमावस्या 2026 की तिथि 18 जनवरी की रात से शुरू होकर 19 जनवरी तक रहेगी, इस दिन स्नान और दान विशेष फलदायी माने जाते हैं.

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Disclaimer: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र पर आधारित है. इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी देना है, न कि किसी प्रकार का दावा या सलाह.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

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शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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