Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति का पर्व सूर्य देव को समर्पित है. इस दिन सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में गोचर करते हैं. ऐसे में इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है. मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन किया गया दान-पुण्य और धार्मिक कार्य दोगुना फल देता है. माना जाता है कि जो भी साधक इस दिन सूर्यदेव की विशेष पूजा करता है और मंत्रों का जाप करता है, उस पर सूर्यदेव की कृपा बनी रहती है और सूर्य दोष से भी राहत मिलती है.
सूर्यदेव के 5 शक्तिशाली मंत्र
1. सूर्य सामान्य मंत्र:
ॐ सूर्याय नमः
यह सूर्यदेव का सबसे सरल मंत्र है. धार्मिक मान्यता है कि इस मंत्र के जाप से शरीर में ऊर्जा और उत्साह बढ़ता है, रोग-व्याधियों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता आती है.
2. सूर्य वंदना मंत्र:
नमो नमस्तेऽस्तु सदा विभावसो, सर्वात्मने सप्तहयाय भानवे.
अनंतशक्तिर्मणि-भूषणेन, वदस्व भक्तिं मम मुक्तिमव्ययाम्॥
यह मंत्र सूर्यदेव की आराधना और वंदना के लिए प्रयोग किया जाता है. मान्यता है कि इस मंत्र के जाप से घर में समृद्धि, खुशहाली और सुरक्षा आती है. साथ ही सूर्य दोष या नेत्र संबंधी समस्याओं में भी राहत मिलती है.
3. सूर्य गायत्री मंत्र:
ॐ आदित्याय विद्महे दिवाकराय धीमहि।
तन्नः सूर्यः प्रचोदयात्॥
सूर्य गायत्री मंत्र बुद्धि, ध्यान और मानसिक शक्ति बढ़ाने के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है. इसके जाप से भक्त का आत्मविश्वास बढ़ता है और सकारात्मक सोच विकसित होती है.
4. सूर्य बीज मंत्र:
ऊं ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः॥
यह सूर्यदेव का छोटा लेकिन अत्यंत शक्तिशाली मंत्र है. भक्त मुख्य रूप से स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए इस मंत्र का जाप करते हैं.
5. सूर्य वैदिक मंत्र:
ऊं आकृष्णेन रजसा वर्तमानो निवेशयन्नमृतं मर्त्यञ्च।
हिरण्येन सविता रथेन देवो याति भुवनानि पश्यन्॥
सूर्यदेव के वैदिक मंत्र के जाप से जीवन में समृद्धि और सफलता आती है. इससे जीवन की नकारात्मकता दूर होती है और मन को शांति प्राप्त होती है.
यह भी पढ़ें: Mahashivratri 2026 Actual Date: 15 या 16 फरवरी, जानें कब है महाशिवरात्रि, जानें शिव भक्ति से जुड़े रहस्य
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.

