60 साल बाद महाशिवरात्रि पर होगा दुर्लभ ग्रह संयोग, जानें क्या होगा खास
Published by : Shaurya Punj Updated At : 18 Feb 2025 2:30 PM
Mahashivratri 2025 shubh sanyog
Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण धार्मिक उत्सव है, जिसे भगवान शिव के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. यह पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को आयोजित किया जाता है. महाशिवरात्रि के अवसर पर वर्ष 2025 में 60 वर्षों के बाद एक विशेष संयोग बन रहा है. इस संयोग के दौरान कुछ वस्तुओं को घर में लाने से भक्तों को शुभ फल प्राप्त होंगे.
Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि 2025 का पर्व निकट है और इस वर्ष का उत्सव विशेष रूप से महत्वपूर्ण होगा. यह पावन अवसर 26 फरवरी को मनाया जाएगा, लेकिन इस बार इसकी विशेषता इस तथ्य से बढ़ गई है कि 60 वर्षों के बाद एक दुर्लभ ग्रह संयोग उत्पन्न हो रहा है. ऐसा योग अंतिम बार 1965 में देखा गया था. इस बार महाशिवरात्रि पर धनिष्ठा नक्षत्र, परिघ योग, शकुनि करण और चंद्रमा मकर राशि में उपस्थित रहेंगे. सबसे महत्वपूर्ण यह है कि इस समय सूर्य, बुध और शनि ग्रहों का एक अनोखा संयोग भी बनेगा.
इस दुर्लभ ग्रह संयोग का महत्व क्या है?
- ज्योतिष के अनुसार, सूर्य को पिता और शनि को पुत्र का प्रतीक माना जाता है. इस बार दोनों ग्रह शनि की राशि कुंभ में स्थित रहेंगे, जिससे एक शक्तिशाली और अद्वितीय योग का निर्माण होगा.
- ऐसा ग्रह संयोग दशकों में एक बार ही बनता है और इसे विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत माना जाता है.
- महाशिवरात्रि पर बनने वाला यह संयोग शिव भक्ति के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है, जिससे शिव कृपा प्राप्त करने की संभावना बढ़ जाती है.
महाशिवरात्रि का धार्मिक महत्व
महाशिवरात्रि के दिन, शास्त्रों के अनुसार, भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह सम्पन्न हुआ था. इस दिन उपवास, रात्रि जागरण और शिव पूजन करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती है.
शिव की पूजा कैसे करें?
- महाशिवरात्रि के अवसर पर भक्तों को कुछ विशेष नियमों का पालन करते हुए पूजा करनी चाहिए-
- शिवलिंग पर चढ़ाने के लिए – जल, दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से अभिषेक करें.
- बिल्व पत्र और फूल अर्पित करें – शिवजी को बिल्व पत्र अत्यंत प्रिय होते हैं.
- शिव मंत्रों का जाप करें – ‘ॐ नमः शिवाय’, ‘महामृत्युंजय मंत्र’ या ‘शिव रुद्र मंत्र’ का जाप करें.
- रात्रि जागरण करें – रातभर भजन-कीर्तन और ध्यान करने से शिव की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है.
- रुद्राभिषेक करें – यह पूजा भगवान शिव को प्रसन्न करने का सर्वोत्तम उपाय माना जाता है.
महाशिवरात्रि 2025 पूजा और व्रत के शुभ मुहूर्त
- महाशिवरात्रि 2025: पूजा और व्रत के शुभ मुहूर्त
- चतुर्दशी तिथि प्रारंभ – 26 फरवरी, सुबह 11:08 बजे
- चतुर्दशी तिथि समाप्त – 27 फरवरी
महाशिवरात्रि के दिन, शास्त्रों के अनुसार, भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह सम्पन्न हुआ था. इस दिन उपवास, रात्रि जागरण और शिव पूजन करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती है.
शिव की पूजा कैसे करें?
इस महाशिवरात्रि पर आध्यात्मिक उन्नति का एक अनूठा अवसर उत्पन्न हो रहा है.
महाशिवरात्रि के अवसर पर बन रहा यह विशेष ग्रह योग भक्तों के लिए एक अनमोल अवसर है. इस दिन की गई शिव साधना, व्रत और ध्यान से न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है, बल्कि इच्छाएं भी पूरी होती हैं.
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ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
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By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
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