ePaper

Mahalaya 2024 Date: इस साल कब है महालया, जानें कब से होगी शारदीय नवरात्रि की शुरुआत

Updated at : 25 Sep 2024 12:15 PM (IST)
विज्ञापन
Mahalaya 2024

Mahalaya 2024

Mahalaya 2024: महालया अमावस्या अपने पूर्वजों से आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए तर्पण और श्राद्ध अनुष्ठान करने का दिन है. आइए जानें किस दिन है महालया

विज्ञापन

Mahalaya 2024 Date: महालया अमावस्या, जिसे सर्वपितृ अमावस्या, पितृ अमावस्या या पितृ मोक्ष अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है, पूर्वजों के सम्मान के लिए समर्पित हिंदू कैलेंडर में एक महत्वपूर्ण दिन है. दक्षिण भारत में भाद्रपद (अमावस्यांत कैलेंडर के अनुसार) और उत्तर भारत में आश्विन (पूर्णिमांत कैलेंडर के अनुसार) के महीने में मनाया जाता है, यह ग्रेगोरियन कैलेंडर में सितंबर और अक्टूबर के बीच आता है. महालया अमावस्या पितृ पक्ष का अंतिम दिन है, जो मृतक परिवार के सदस्यों के लिए अनुष्ठान करने के लिए समर्पित 15-दिवसीय अवधि है.

किस दिन है महालया ?

हिंदू पंचांग के अनुसार महालया का पर्व सर्व पितृ अमावस्या के दिन मनाया जाता है. इस वर्ष आश्विन मास की अमावस्या 2 अक्तूबर 2024 को आएगी. अतः इस वर्ष महालया भी 2 अक्तूबर 2024 को मनाई जाएगी. इसी दिन मां दुर्गा का पृथ्वी पर आगमन होता है और विजयादशमी के दिन दुर्गा पूजा का समापन होता है.

महालया का नवरात्रि से क्या संबंध है?

हिंदू धर्म में महालया के बाद नवरात्रि का आरंभ होता है, जब मां दुर्गा हर घर में स्थापित होती हैं. इस वर्ष नवरात्रि 3 अक्टूबर, 2024 से प्रारंभ हो रही है. यदि महालया के दिन देवी दुर्गा मानवता के बीच नहीं आतीं, तो नवरात्रि के नौ दिनों तक उनके विभिन्न स्वरूपों की पूजा करना संभव नहीं होता. इस प्रकार, महालया नवरात्रि के पर्व की शुरुआत का एक महत्वपूर्ण संकेत है. नवरात्रि के दौरान देवी दुर्गा की पूजा करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और सुख, समृद्धि तथा शक्ति की प्राप्ति होती है.

Indira Ekadashi 2024: पितरों का मिलेगा आशीर्वाद, जरूर रखें इन्दिरा एकादशी का व्रत

महालया का महत्व

महालया पितृ पक्ष का अंतिम दिन होता है और इसे अक्सर सर्व पितृ अमावस्या के रूप में जाना जाता है. इस दिन, कई लोग अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि देते हैं और उनकी दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करने के लिए तर्पण या श्राद्ध अनुष्ठान करते हैं. ऐसा माना जाता है कि महालया की सुबह के समय, पूर्वजों को विदाई देने के लिए पहली रस्में निभाई जाती हैं और शाम को देवी दुर्गा धरती पर उतरती हैं, जहां वे लोगों को अपना आशीर्वाद देने के लिए रुकती हैं.

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola