ePaper

महाकुंभ से गंगाजल लाने वाले हो जाएं सावधान, इस जगह से जल लाना उचित नहीं है

Updated at : 08 Feb 2025 7:31 AM (IST)
विज्ञापन
Mahakumbh 2025 gangajal

Mahakumbh 2025 gangajal

Mahakumbh 2025: महाकुंभ के जल का प्रभाव अत्यंत गहन होता है. इसे घर में सही स्थान पर रखने से सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है, जिससे घर में शांति और समृद्धि का वास होता है.

विज्ञापन

Mahakumbh 2025: अभी अनेक लोग महाकुंभ में स्नान करने के लिए गए हैं. महाकुंभ का जल इस समय अमृत के समान माना जा रहा है. इसलिए, कई लोग इस जल को भरकर अपने घर भी ले जा रहे हैं. घर के हर स्थान को पवित्र नहीं माना जा सकता, जहां आप इस जल को सुविधाजनक तरीके से रख सकें. इस जल का प्रभाव इतना गहरा होता है कि इसे घर में उचित स्थान पर रखने से सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है और घर में शांति तथा समृद्धि का निवास होता है.
महाकुंभ के जल को कहां सुरक्षित रखें

इस पवित्र जल को घर के पूजा स्थल पर रखना उचित है. इसे तांबे, चांदी या पीतल के पात्र में संग्रहित करें. यदि आपके पास पहले से गंगाजल है, तो महाकुंभ का जल उसी पात्र में मिलाकर रखें. इसे सदैव ढंककर रखें ताकि इसकी पवित्रता बनी रहे. जल को उस स्थान पर रखें जहां सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता हो. इसके अतिरिक्त, इसे घर के उत्तर या पूर्व दिशा में रखा जा सकता है. इसे बाथरूम या अशुद्ध स्थानों के निकट न रखें. जल का पात्र खुला न छोड़ें.

माघ पूर्णिमा और शिवरात्रि के दिन को क्यों नहीं किया जा रहा है अमृत स्नान

महाकुंभ के जल का उपयोग कैसे करें

महाकुंभ के जल का नियमित रूप से पूजा के समय उपयोग करें. इसके अलावा, घर की शुद्धि के लिए इसका छिड़काव करें, जिससे घर का वातावरण पवित्र और शुद्ध बना रहे. इसे शुभ अवसरों पर भी प्रयोग में लाएं. समय-समय पर जल को देखना और उसके पात्र की सफाई करना न भूलें.

इस गंगाजल का प्रयोग करने से पहले हों सावधान

पूजा-पाठ में गंगाजल का उपयोग मां गंगा नदी के जल के रूप में किया जाता है. इस संदर्भ में, गंगा नदी से जल लाने की परंपरा है. यदि आप संगम से जल लाती हैं, जहां तीन नदियां मिलती हैं, तो इसका अर्थ है कि आप यमुना, गंगा और सरस्वती का जल अपने घर ला रही हैं. इस स्थिति में, संगम से गंगाजल लाना उचित नहीं है. यदि आप वहां से जल लाना चाहती हैं, तो घाट से जल लाने की सलाह दी जाती है. इसके लिए वहां उपस्थित किसी विशेषज्ञ से गंगा नदी के बारे में जानकारी प्राप्त करें.

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola