Lohri 2026: लोहरी भारत में मनाया जाने वाला एक प्रसिद्ध पर्व है. हर साल यह माघ महीने में मनाया जाता है. यह पर्व मुख्य रूप से रबी फसलों की कटाई और भरपूर फसल की पैदावार की खुशी में मनाया जाता है. साथ ही, यह पर्व शीत ऋतु के समापन और बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक भी है. इस दिन विशेष रूप से अग्निदेव और सूर्यदेव की पूजा की जाती है. रात के समय पवित्र अग्नि प्रज्वलित कर उसके चारों ओर परिक्रमा करने की परंपरा है. परिक्रमा के दौरान श्रद्धालु कुछ विशेष चीजें अग्नि को अर्पित करते हैं और अगले साल भी अच्छी फसल की कामना करते हैं.
लोहरी की पवित्र अग्नि में क्या अर्पित करना शुभ है
तिल
लोहरी की पवित्र अग्नि में तिल अवश्य डालना चाहिए. माना जाता है कि तिल पापों का नाश करता है और जीवन से नकारात्मकता दूर करता है. साथ ही यह वातावरण को भी शुद्ध करता है. ऐसे में लोहरी के दिन तिल को अग्नि में अर्पित करने से साधक के जीवन पर शुभ प्रभाव पड़ता है.
गुड़
गुड़ को मधुरता और सौहार्द का प्रतीक माना जाता है. कहा जाता है कि इस दिन अग्नि में गुड़ अर्पित करने से रिश्तों में मिठास और मजबूती आती है. आपसी तनाव दूर होता है और घर में सुख-शांति बनी रहती है.
मूंगफली
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन अग्नि में मूंगफली डालने से अगले साल अच्छी फसल होने की संभावना बढ़ती है. मूंगफली अन्न का प्रतीक मानी जाती है, इसलिए इस दिन किसानों को अग्नि में मूंगफली अवश्य डालनी चाहिए.
रेवड़ी
लोहरी की पवित्र अग्नि में रेवड़ी डालना बेहद शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि रेवड़ी के अर्पण से बुरी शक्तियों का नाश होता है, घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में खुशहाली आती है.
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