होलिका दहन की राख के चमत्कारी उपाय, खुलेंगे धन और तरक्की के रास्ते

Published by : Shaurya Punj Updated At : 01 Mar 2026 6:34 AM

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होलिका दहन के राख का महत्व

Holika Dahan ash benefits: होलिका दहन की पवित्र राख के आसान उपाय जानें. सही विधि से तिलक, घर में स्थापना और व्यापारिक प्रयोग करने से धन, तरक्की, नजर दोष से रक्षा और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है.

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Holika Dahan ash benefits: होलिका दहन का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है, लेकिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से इसका महत्व इससे भी अधिक है. शास्त्रों के अनुसार होलिका की अग्नि में नकारात्मक ऊर्जा, दोष और बाधाएं जलकर भस्म हो जाती हैं. अग्नि के शांत होने के बाद जो पवित्र राख बचती है, उसे बहुत शुभ और शक्तिशाली माना गया है.

कब है होलिका दहन

साल 2026 में होलिका दहन 2 मार्च को मनाया जाएगा. फाल्गुन पूर्णिमा की रात किए गए कुछ पारंपरिक उपाय जीवन में धन, तरक्की और सुख-समृद्धि के रास्ते खोल सकते हैं. आइए जानते हैं होलिका दहन की राख से जुड़े सरल और प्रभावशाली उपाय.

राख को घर में रखने का सही तरीका

होलिका दहन की राख को घर लाते समय सबसे पहले स्नान कर लें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. राख को सीधे हाथ में न रखें, बल्कि एक साफ लाल या पीले कपड़े में बांधकर लाएं. घर में इसे पूजा स्थल या तिजोरी के पास रखना शुभ माना जाता है. ध्यान रखें कि राख को जमीन पर न रखें और इसे किसी अपवित्र स्थान पर न छोड़ें. कुछ लोग राख को चांदी या तांबे के छोटे पात्र में भी रखते हैं, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. मान्यता है कि इस पवित्र राख को घर में रखने से नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं और परिवार में शांति बनी रहती है.

तिलक लगाने का महत्व

  • होलिका दहन की राख से तिलक लगाना अत्यंत शुभ माना गया है. ग्रहण या विशेष योग में किया गया यह तिलक व्यक्ति को मानसिक शक्ति और आत्मविश्वास देता है.
  • सुबह स्नान के बाद राख में थोड़ा गंगाजल मिलाकर तिलक करें. परिवार के सभी सदस्य यदि यह तिलक लगाएं तो घर में एकता और सौहार्द बढ़ता है.
  • शास्त्रों के अनुसार यह तिलक बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा करता है. खासतौर पर बच्चों को हल्का सा तिलक लगाने से नजर दोष दूर होता है.

व्यापार में वृद्धि के उपाय

  • व्यापार में तरक्की के लिए होलिका की राख को बहुत प्रभावी माना गया है.
  • होलिका दहन की राख को लाल कपड़े में बांधकर अपनी दुकान या ऑफिस की तिजोरी में रखें.
  • नए कार्य की शुरुआत से पहले राख का हल्का सा तिलक लगाएं.
  • गुरुवार या शुक्रवार के दिन राख को हल्दी के साथ मिलाकर मुख्य द्वार पर स्वस्तिक बनाएं.
  • मान्यता है कि इससे व्यापार में आ रही रुकावटें दूर होती हैं और धन लाभ के अवसर बढ़ते हैं.
  • इसके अलावा यदि कोई आर्थिक समस्या चल रही हो तो होलिका दहन की राख को बहते जल में प्रवाहित करने से भी बाधाएं कम होती हैं.

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नजर दोष और रोग से बचाव के पारंपरिक उपाय

  • होलिका दहन की राख को नजर दोष से बचाव के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है.
  • यदि घर में किसी सदस्य को बार-बार बीमारी हो रही हो या अचानक समस्याएं बढ़ रही हों, तो राख को सरसों के दानों के साथ मिलाकर सात बार उतार लें और फिर उसे बाहर किसी पवित्र स्थान पर रख दें.
  • घर में गंगाजल के साथ राख का हल्का छिड़काव करने से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है.
  • कई स्थानों पर परंपरा है कि राख को घर के मुख्य दरवाजे के पास हल्का सा छिड़क दिया जाता है, जिससे बुरी शक्तियां प्रवेश नहीं कर पातीं.

आध्यात्मिक महत्व और सावधानियां

  • होलिका दहन की राख को हमेशा श्रद्धा और सम्मान के साथ संभालना चाहिए. इसे कभी भी मजाक या खेल के रूप में प्रयोग न करें. राख लेते समय मन में सकारात्मक भावना और प्रार्थना होनी चाहिए.
  • ध्यान रखें कि राख केवल उसी स्थान की लें जहां विधि-विधान से होलिका दहन किया गया हो. अपवित्र स्थान की राख का उपयोग न करें.
  • होलिका दहन की राख को शुद्धि, सुरक्षा और समृद्धि का प्रतीक माना गया है. सही विधि और श्रद्धा के साथ किए गए ये सरल उपाय जीवन की कई बाधाओं को दूर कर सकते हैं.
  • विश्वास, सकारात्मक सोच और सही आचरण के साथ यदि आप इन उपायों को अपनाते हैं, तो यह पवित्र भस्म आपके जीवन में धन, तरक्की और सुख-शांति के नए रास्ते खोल सकती है.
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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

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शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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