लठमार होली होने वाली है शुरू, जानें कहां देख सकेंगे

Author :Shaurya Punj
Published by :Shaurya Punj
Updated at :24 Feb 2026 1:49 PM
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Lathmar Holi 2026

लठमार होली 2026 कब से

Lathmar Holi 2026: बरसाना की लट्ठमार होली राधा-कृष्ण की प्रेम लीला पर आधारित अनोखी परंपरा है. इसमें महिलाएं पुरुषों को लाठियों से मारती हैं. जानें 2026 की पूरी होली जानकारी.

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Lathmar Holi 2026: बरसाना की लट्ठमार होली उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की एक बहुत ही प्राचीन और प्रसिद्ध परंपरा है. यह होली खासतौर पर राधा रानी और कृष्ण भगवान के प्रेम और उनकी लीलाओं से जुड़ी हुई है. हर साल फाल्गुन मास में यह उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है. इस वर्ष 26 फरवरी को बरसाना की महिलाएं नंदगांव के पुरुषों के साथ लट्ठमार होली खेलेंगी.

लट्ठमार होली कैसे मनाई जाती है?

इस खास होली में नंदगांव के पुरुष, जिन्हें हुरियारे कहा जाता है, बरसाना आते हैं और वहां की महिलाओं पर रंग और गुलाल डालते हैं. इसके जवाब में बरसाना की महिलाएं, जिन्हें हुरियारिन कहा जाता है, हंसी-मजाक में पुरुषों को लाठियों से मारती हैं. पुरुष खुद को ढाल से बचाते हैं. यह पूरा दृश्य बहुत ही मजेदार, रंगीन और उत्साह से भरा होता है.

यह परंपरा किसी लड़ाई का प्रतीक नहीं, बल्कि प्रेम, मजाक और खुशी का प्रतीक मानी जाती है.

लट्ठमार होली क्यों है खास?

लट्ठमार होली की कहानी श्रीमद्भागवत और राधा-कृष्ण की लीलाओं से जुड़ी है. मान्यता है कि एक बार कृष्ण अपने दोस्तों के साथ राधा रानी के गांव बरसाना आए थे और वहां उन्होंने राधा और उनकी सखियों के साथ मजाक किया था. तब सखियों ने उन्हें लाठियों से मजाक-मजाक में भगाया था. उसी घटना की याद में आज भी यह परंपरा निभाई जाती है.

इस उत्सव में भक्ति, प्रेम, लोकगीत, नृत्य और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिलता है.

लट्ठमार होली के मुख्य आकर्षण

लट्ठमार होली के दौरान कई खास कार्यक्रम होते हैं, जैसे:

  • भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजन
  • पारंपरिक नृत्य और लोकगीत
  • रंग और गुलाल की होली
  • राधा-कृष्ण की लीलाओं का जीवंत अनुभव
  • यहां का माहौल पूरी तरह भक्तिमय और उत्साह से भरा होता है.

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कब और कैसे पहुंचें वृंदावन और बरसाना?

अगर आप इस उत्सव का पूरा आनंद लेना चाहते हैं, तो वृंदावन और बरसाना 4–5 दिन पहले पहुंचना बेहतर होता है. इससे आप सभी प्रमुख कार्यक्रम आराम से देख सकते हैं. वृंदावन या मथुरा से बरसाना की दूरी लगभग 45–50 किलोमीटर है, जिसे सड़क मार्ग से 1.5 से 2 घंटे में तय किया जा सकता है. होली के समय भीड़ ज्यादा होती है, इसलिए सुबह जल्दी निकलना अच्छा रहता है. दिल्ली से बरसाना की दूरी करीब 150 किलोमीटर है, जहां आप कार से आसानी से पहुंच सकते हैं.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

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शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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