Kartik Amavasya 2024: आज है कार्तिक अमावस्या, जानिए शुभ मुहूर्त और महत्व

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Kartik Amavasya 2024

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Kartik Amavasya 2024: कार्तिक अमावस्या हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण अमावस्या दिवस है. यह हिंदू कैलेंडर के कार्तिक महीने में आता है, आमतौर पर अक्टूबर या नवंबर में। यह दिन दिवाली के साथ मेल खाता है, जो एक प्रमुख हिंदू त्योहार है. महाभारत में वर्णित अनुसार भगवान कृष्ण ने कार्तिक अमावस्या को विशेष रूप से शुभ माना था.

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Kartik Amavasya 2024:  हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का अत्यधिक महत्व है.अमावस्या का दिन गंगा स्नान और दान के लिए विशेष रूप से उपयुक्त माना जाता है.प्रत्येक अमावस्या का अपना महत्व होता है, लेकिन कार्तिक अमावस्या का स्थान विशेष है.यह हर वर्ष कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है.इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने से साधक को शुभ फल की प्राप्ति होती है.कार्तिक अमावस्या के अवसर पर पितरों का तर्पण भी किया जाता है, जिससे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है.

कार्तिक अमावस्या कब है ?

वैदिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह की अमावस्या तिथि 31 अक्टूबर को दोपहर 03 बजकर 52 मिनट पर प्रारंभ होगी.वहीं, इस तिथि का समापन 01 नवंबर को शाम 06 बजकर 16 मिनट पर होगा.इस प्रकार, कार्तिक अमावस्या शुक्रवार, 01 नवंबर को मनाई जाएगी.इस दिन स्नान-दान का शुभ मुहूर्त इस प्रकार रहेगा –
स्नान-दान के लिए शुभ मुहूर्त – प्रातः 04 बजकर 50 मिनट से सुबह 05 बजकर 41 मिनट तक
प्रदोष काल – शाम 05 बजकर 36 मिनट से रात 08 बजकर 11 मिनट तक

अमावस्या के दिन क्या करना चाहिए

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धार्मिक दृष्टि से अमावस्या का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है.इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करना और जरूरतमंदों को दान देना विशेष महत्व रखता है.इस दिन जप, तप और व्रत करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है. इसके अतिरिक्त, इस दिन लहसुन, प्याज और मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए.

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शौर्य पुंज

लेखक के बारे में

By शौर्य पुंज

मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.

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Frequently Asked Questions

वैदिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह की अमावस्या तिथि 31 अक्टूबर को दोपहर 03 बजकर 52 मिनट पर प्रारंभ होगी.वहीं, इस तिथि का समापन 01 नवंबर को शाम 06 बजकर 16 मिनट पर होगा.इस प्रकार, कार्तिक अमावस्या शुक्रवार, 01 नवंबर को मनाई जाएगी.इस दिन स्नान-दान का शुभ मुहूर्त इस प्रकार रहेगा -
स्नान-दान के लिए शुभ मुहूर्त - प्रातः 04 बजकर 50 मिनट से सुबह 05 बजकर 41 मिनट तक
प्रदोष काल - शाम 05 बजकर 36 मिनट से रात 08 बजकर 11 मिनट तक