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Chhath Puja 2025 in Bihar: छठ पूजा होने वाली है शुरू, जानें के महापर्व की नहाय-खाय और खरना की डेट

Updated at : 11 Oct 2025 12:35 PM (IST)
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Chhath Puja 2024 in Bihar

Chhath Puja 2024 in Bihar

Chhath Puja 2025 in Bihar: छठ पूजा में सूर्य देव और छठी मैया की आराधना की जाती है. यह पर्व विशेष रूप से बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है. सूर्य को जीवन का स्रोत माना जाता है, और हिंदू धर्म के अनुसार सूर्य देव की पूजा करने से सभी इच्छाएं पूरी होती हैं. आइए जानें छठ महापर्व कि शुरुआत किस दिन से होगी.

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Chhath Puja 2024 in Bihar: हिंदू पंचांग के अनुसार, हर वर्ष कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से छठ पूजा का उत्सव मनाया जाता है. छठ महापर्व बिहार में काफी प्रचलित है, इसके अलावा झारखंड, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भी इस त्योहार को श्रद्धा पूर्वक मनाया जाता है. यह महापर्व चार दिनों तक चलता है, जिसकी शुरुआत नहाय खाय से होती है. छठ पूजा का प्रमुख व्रत कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को किया जाता है. यहां जानें किस दिन से शुरु होने जा रहा है छठ महापर्व.

छठ पूजा 2025 कैलेंडर

नहाय-खाय: 25 अक्टूबर, शनिवार

महिलाओं द्वारा नदी में स्नान और सात्विक भोजन.

आगामी तीन दिन के व्रत और पूजा के लिए मानसिक व शारीरिक तैयारी.

खरना: 26 अक्टूबर, रविवार

शाम को रोटी, गुड़ की खीर और फल का भोग.

प्रसाद ग्रहण के बाद निर्जला व्रत की शुरुआत.

सूर्य षष्ठी (मुख्य छठ पूजा): 27 अक्टूबर, सोमवार

शाम को घाट पर जाकर डूबते सूर्य को अर्घ्य.

छठ मईया की गीत-संगीत और विधिपूर्वक पूजा.

सूर्योदय अर्घ्य: 28 अक्टूबर, मंगलवार

सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य और संतान की लंबी आयु, परिवार की सुख-समृद्धि की कामना.

36 घंटे तक चलने वाला व्रत इसी दिन समाप्त होता है.

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सबसे कठिन व्रतों में से है छठ महापर्व का व्रत

छठ महापर्व का व्रत को अत्यंत कठिन व्रतों में से एक माना जाता है. इस पूजा की शुरुआत पहले दिन नहाय-खाय से होती है. दूसरे दिन लोहंडा और खरना का आयोजन किया जाता है. तीसरे दिन संध्या अर्घ्य और चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देकर इस व्रत का पारण किया जाता है. इसके बाद इस महापर्व का समापन होता है. आइए, जानते हैं कि इस वर्ष छठ पूजा कब से प्रारंभ हो रही है.

छठ पूजा का प्रसाद भी है विशेष

इस पूजा के दौरान ठेकुआ, मालपुआ, चावल के लड्डू, फलों और नारियल को प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है. सबसे पहले, इन सभी वस्तुओं को सूर्य देव और छठी मैय्या को समर्पित किया जाता है.

छठ पूजा में सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

छठ पूजा में सूर्योदय और सूर्यास्त का समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि खरना के दिन सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक निर्जला व्रत का पालन किया जाता है. इस दिन सूर्योदय सुबह 06:37 बजे होगा, जबकि सूर्यास्त का समय शाम 05:32 बजे तक रहेगा.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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