Kali Puja 2025: काली पूजा के दिन करें माता काली के इन विशेष मंत्रों का जाप, डर-भय और कष्ट से मिलेगी मुक्ति

Published by : Neha Kumari Updated At : 13 Oct 2025 8:54 PM

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Mata Kali

Kali Puja 2025: काली पूजा माता दुर्गा के विक्राल और उग्र स्वरूप माता काली को समर्पित है. कहा जाता है कि इस दिन जो भी भक्त विधिपूर्वक माता की पूजा करने के बाद माता काली के विशेष मंत्रों का जाप करता है, उसे माता शक्ति, सौंदर्य और साहस का आशीर्वाद प्रदान करती है. यहां पढ़ें माता काली के विशेष मंत्रों को.

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Kali Puja 2025: काली पूजा भारत के सबसे विख्यात और महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है. इस त्योहार को खासकर उड़ीसा, पश्चिम बंगाल और असम में दिवाली के दिन मनाया जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार इस पर्व को इस साल 20 अक्टूबर के दिन मनाया जाएगा. माता काली शक्ति, साहस और ऊर्जा का प्रतिक मानी जाती हैं. धार्मिक मान्यता के मुताबिक इस दिन शाम के समय माता काली की विधिपूर्वक पूजा के साथ यदि मंत्रों का जाप किया जाए, तो माता की कृपा भक्त पर सदा के लिए बनी रहती है. माता काली के मंत्र कुछ इस प्रकार हैं:

मां काली के मंत्र

ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं कालिके क्लीं श्रीं ह्रीं ऐं॥

ॐ हरिं श्रीं कलिं अद्य कालिका परम् एष्वरी स्वा:

काली मां का बीज मंत्र

ॐ क्रीं काली

भद्रकाली मंत्र

ह्रौं काली महाकाली किलिकिले फट् स्वाहा॥

सप्ताक्षरी काली मंत्र

ॐ हूँ ह्रीं हूँ फट् स्वाहा

काली गायत्री मंत्र

ॐ महा काल्यै च विद्यामहे स्मसन वासिन्यै च धीमहि तन्नो काली प्रचोदयात्

महाकाली बीज मंत्र

ॐ क्रीं कालिकायै नमः

मां काली का मंत्र

ॐ श्री कालिकायै नमः

दक्षिणकाली मंत्र

ह्रीं ह्रीं ह्रुं ह्रुं क्रीं क्रीं क्रीं दक्षिणकालिके क्रीं क्रीं क्रीं ह्रुं ह्रुं ह्रीं ह्रीं॥

क्रीं ह्रुं ह्रीं दक्षिणेकालिके क्रीं ह्रुं ह्रीं स्वाहा॥

ॐ ह्रुं ह्रुं क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं दक्षिणकालिके ह्रुं ह्रुं क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं स्वाहा॥

ॐ क्रीं क्रीं क्रीं ह्रुं ह्रुं ह्रीं ह्रीं दक्षिणकालिके स्वाहा॥

तीन अक्षरी काली मंत्र

ॐ क्रीं ह्रुं ह्रीं

पांच अक्षरी काली मंत्र

ॐ क्रीं ह्रुं ह्रीं हूँ फट्

पूजा हेतु काली मंत्र

कृन्ग कृन्ग कृन्ग हिन्ग कृन्ग दक्षिणे कलिके कृन्ग कृन्ग कृन्ग हरिनग हरिनग हुन्ग हुन्ग स्वा:

माता काली का प्रिय फूल क्या है? 

माना जाता है कि माता काली गुड़हल और लाल रंग के फूल अति प्रिय हैं.

काली पूजा के दिन किस रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है? 

माना जाता है कि लाल, हरा और पीला रंग का वस्त्र धारण करना बेहद शुभ होता है.

काली पूजा कब मनाया जाता है? 

पंचांग के अनुसार, काली पूजा कार्तिक मास के अमावस्या तिथि को मनाया जाता है, जो आमतौर पर दीपावली के दिन पड़ती है.

यह भी पढ़ें: Kali Puja 2025: दिवाली की आधी रात को क्यों होती मां काली की पूजा? जानें महत्व

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

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नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

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