ePaper

Kalashtami Vrat 2025: इस दिन है साल की अंतिम कालाष्टमी, जानें किस मुहूर्त में करें पूजा

11 Dec, 2025 8:20 am
विज्ञापन
Kalashtami Vrat 2025 date

मासिक कालाष्टमी 2025

Kalashtami Vrat 2025: पौष मास में पड़ने वाली साल 2025 की अंतिम कालाष्टमी को अत्यंत शुभ माना गया है. भगवान काल भैरव को समर्पित यह तिथि भय, बाधाओं और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति का अवसर देती है. विशेष मुहूर्त, व्रत विधि और पूजा के साथ भक्त दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.

विज्ञापन

Kalashtami Vrat 2025: सनातन धर्म में कालाष्टमी का विशेष महत्व है. यह तिथि भगवान शिव के भैरव स्वरूप की आराधना के लिए समर्पित होती है. हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी को आने वाली कालाष्टमी भय, बाधाओं और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति प्रदान करने वाली मानी गई है. वर्ष 2025 की अंतिम कालाष्टमी पौष मास में पड़ रही है, जिसे अत्यंत शुभ संयोग माना गया है. भक्तगण इस दिन व्रत, जप और पूजा कर भैरव बाबा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.

पौष मास कालाष्टमी 2025: तिथि और शुभ मुहूर्त

  • अष्टमी तिथि प्रारंभ: 11 दिसंबर 2025, दोपहर 1:57 बजे
  • अष्टमी तिथि समाप्त: 12 दिसंबर 2025, दोपहर 2:56 बजे
  • व्रत रखा जाएगा: 11 दिसंबर को
  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:15 से 6:09 बजे तक
  • अभिजित मुहूर्त: 11:54 से 12:35 बजे तक

कालाष्टमी व्रत का पारण कब करें?

व्रत का पारण 12 दिसंबर को दोपहर 2:56 बजे के बाद किया जा सकता है, जब अष्टमी तिथि समाप्त हो जाएगी. पारण नवमी तिथि लगने से पहले कर लेना शुभ माना जाता है. व्रत खोलने से पहले भैरव जी को गुड़, दूध, दही और काले तिल का भोग लगाना उत्तम है.

कालाष्टमी का आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व

काल भैरव को ब्रह्मांड का दंडाधिकारी कहा जाता है. मान्यता है कि वे धर्म की रक्षा और अधर्म का दमन करते हैं. उनकी उपासना से—

ये भी पढ़ें:  आज कालाष्टमी, काल भैरव बाबा की कृपा से दूर होंगे भय और बाधाएं

  • भय और मानसिक अवरोध दूर होते हैं
  • रोग और कष्ट कम होते हैं
  • शत्रु बाधाएं समाप्त होती हैं

ज्योतिषीय लाभ: किन जातकों के लिए विशेष शुभ?

ज्योतिष के अनुसार, कालाष्टमी इन दोषों से ग्रस्त लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी है—

  • कालसर्प दोष
  • पितृ दोष
  • शनि दोष या ढैय्या-साढ़ेसाती से प्रभावित जातक
  • अचानक आने वाली रुकावटें या भय
  • भैरव साधना से इन सभी दोषों में राहत मिलती है और जीवन में स्थिरता आती है.
विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में 14 वर्षों से अधिक समय तक काम करने का अनुभव हासिल किया है. इस दौरान कंटेंट राइटिंग और मीडिया क्षेत्र में मेरी मजबूत पकड़ बनी. पिछले 5 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से कार्य कर रहा हूं, जो मेरे प्रमुख विषय रहे हैं और जिन पर लेखन मेरी खास पहचान है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. इसके अतिरिक्त, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से काम किया है, जिससे मेरी लेखन शैली विविध और व्यापक बनी है. 📩 संपर्क : shaurya.punj@prabhatkhabar.in

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola

अपने पसंदीदा शहर चुनें

ऐप पर पढ़ें