1. home Home
  2. religion
  3. jivitputrika vrat 2021 date time tithi know puja muhurt vrat niyam aur paaran ka shubh samay rdy

Jivitputrika Vrat 2021 Date: इस दिन है जीवित्पुत्रिका व्रत, जानें पूजा मुहूर्त, व्रत नियम और पारण का शुभ समय

सितंबर का महीना व्रत-त्योहारों के लिए जाना जाता है. इस महीने लगातार व्रत एवं त्योहार पड़ते है. इस साल जिउतिया व्रत 29 सितंबर दिन बुधवार को रखा जाएगा.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
Jivitputrika Vrat 2021 Date
Jivitputrika Vrat 2021 Date
prabhat Khabar

Jivitputrika Vrat 2021 Date: सितंबर का महीना व्रत-त्योहारों के लिए जाना जाता है. इस महीने लगातार व्रत एवं त्योहार पड़ते है. इस साल जिउतिया व्रत 29 सितंबर दिन बुधवार को रखा जाएगा. इस दिन माताएं संतान प्राप्ति, उनकी लंबी आयु, सुरक्षा और सुखी जीवन के लिए रखे जाने वाले व्रतों में से एक प्रमुख व्रत जितिया व्रत भी है. इसे जीवित्पुत्रिका व्रत के नाम से भी जाना जाता है.

हिन्दू कैलेंडर के अनुसार जीवित्पुत्रिका व्रत हर साल आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है. जीवित्पुत्रिका व्रत का पर्व गंधर्व राजकुमार जीमूतवाहन के नाम पर रखा गया है. साल 2021 साल 2021 में जीवित्पुत्रिका व्रत 29 सितंबर दिन बुधवार को रखा जाएगा. यह व्रत माताएं अपनी संतान के कल्याण की कामना एवं उनकी सुरक्षा तथा उनके सुखी जीवन के लिए निर्जला और निराहार रखती हैं.

शुभ मुहूर्त

हिंदी पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जितिया व्रत रखा जाता है. इस साल अष्टमी तिथि 28 सितंबर दिन मंगलवार की शाम को 06 बजकर 16 मिनट से शुरू हो रही है. यह अष्टमी तिथि अगले दिन यानी 29 सिंतबर दिन बुधवार की रात 08 बजकर 29 मिनट पर समाप्त होगी. धार्मिक व लोक मान्यताओं के अनुसार व्रत के लिए उदयातिथि ही मान्य होती है. ऐसे में जीवित्पुत्रिका व्रत 29 सितंबर को रखा जाएगा.

जितिया व्रत का पारण समय

जीवित्पुत्रिका व्रत 29 सितंबर को रखा जायेगा. इस व्रत का पारण 30 सितंबर दिन गुरुवार को किया जाएगा. इस दिन व्रती महिलाएं स्नान आदि के बाद पूजा करके पारण करें. सूर्योदय के बाद का पारण बेहद शुभ माना जाता है.

जीवित्पुत्रिका व्रत का महत्व

इस व्रत को करने से संतान को दीर्घ आयु, आरोग्य और सुखी जीवन प्राप्त होता है. जीवित्पुत्रिका व्रत में पानी और अन्न का त्याग किया जाता है, इसलिए यह निर्जला व्रत कहलाता है.

Posted by: Radheshyam Kushwaha

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें