Janmashtami 2025: क्या जन्माष्टमी पर बच्चों को राधा-कृष्ण बनाना है धार्मिक रूप से सही?

Published by : Shaurya Punj Updated At : 13 Aug 2025 10:42 AM

विज्ञापन

Janmashtami 2025 children dress up like radha krishna (PC: AI Generated Image)

Janmashtami 2025: जन्माष्टमी पर बच्चों को राधा-कृष्ण के रूप में सजाना एक लोकप्रिय परंपरा है, जो भक्ति और सांस्कृतिक प्रेम को दर्शाती है. धार्मिक दृष्टि से यह पूरी तरह उचित माना जाता है, बशर्ते इसे श्रद्धा और सम्मान के साथ किया जाए. यह परंपरा बच्चों में धर्म और संस्कृति की समझ बढ़ाती है.

विज्ञापन

Janmashtami 2025: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पावन पर्व, पूरे भारत में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है. इस दिन मंदिरों और घरों में झूलनोत्सव, भजन-कीर्तन, व्रत-पूजा और विशेष सजावट की जाती है. एक महत्वपूर्ण परंपरा है बच्चों को राधा और कृष्ण के रूप में सजाना, जो धार्मिक और सांस्कृतिक दोनों दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है.

किस दिन है श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 16 अगस्त को मनाई जाएगी. इस दिन भरणी, कृतिका और रोहिणी नक्षत्र भी मौजूद हैं, जो जन्माष्टमी को और विशेष बना देते हैं. भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्रि को हुआ था. अष्टमी तिथि शुक्रवार की रात 11 बजकर 48 मिनट पर शुरू होगी, लेकिन उदय तिथि के अनुसार जन्माष्टमी 16 अगस्त को मनाई जाएगी.

बालकृष्ण और राधारानी का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बालकृष्ण का रूप अत्यंत आकर्षक और लीलामय था. उन्हें नटखट नंदलाल कहा जाता है, जो बांसुरी बजाने, माखन चुराने तथा गोपियों के संग रास रचाने के लिए विख्यात हैं. जन्माष्टमी पर बच्चों को कृष्ण का रूप देना, उस दिव्य बालरूप की स्मृति को जीवित करता है. इसी प्रकार राधा जी प्रेम, भक्ति और सौंदर्य की मूर्ति मानी जाती हैं. बच्चों को राधा के रूप में सजाना उस पवित्र प्रेम और भक्ति का प्रतीक है जो राधा-कृष्ण के बीच निहित है.

भगवान कृष्ण के जन्म से कैसे जुड़ा है खीरे का संबंध

धार्मिक दृष्टि से परंपरा की स्वीकार्यता

धार्मिक दृष्टि से यह परंपरा पूर्णतः सही है, बशर्ते इसे श्रद्धा और भक्ति की भावना से किया जाए. शास्त्रों में कहीं भी बच्चों को देवत्व का रूप धारण करने में दोष नहीं बताया गया है. यह परंपरा बच्चों के मन में छोटी उम्र से ही धर्म, भक्ति और संस्कृति के प्रति प्रेम जगाने का सशक्त माध्यम है.

सुरक्षित और स्वास्थ्यकर सजावट का महत्व

फिर भी, इस परंपरा को निभाते समय यह ध्यान रखना आवश्यक है कि रूप-सज्जा सुरक्षित और स्वास्थ्यकर हो. बच्चों की त्वचा को नुकसान पहुंचाने वाले रंगों या मेकअप से बचा जाना चाहिए. साथ ही, इसे केवल दिखावे या प्रतिस्पर्धा के रूप में न देखा जाए, बल्कि इसके पीछे छिपे आध्यात्मिक अर्थ को समझाया जाए.

सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व

संक्षेप में, जन्माष्टमी पर बच्चों को राधा-कृष्ण बनाना धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से उचित है. यह प्रेम, भक्ति और भारतीय परंपराओं के संरक्षण का सुंदर माध्यम बनकर पर्व की शोभा बढ़ाता है और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ता है.

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola