International Yoga Day 2025: योग बनता है आध्यात्मिक एकता का माध्यम
Published by : Shaurya Punj Updated At : 21 Jun 2025 7:44 AM
International Yoga Day 2025
International Yoga Day 2025: इस योग दिवस पर हम योग की उस गहराई को समझते हैं जो केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि साधना का मार्ग है. यह साधना अंततः हमें शांति की ओर ले जाती है और वही शांति हमें शिवत्व यानी दिव्यता की अनुभूति कराती है. यही योग का परम उद्देश्य है.
लेखिका- डॉ. (श्रीमती) मंजु लता गुप्ता
International Yoga Day 2025: “सृष्टि के आरंभ में तथा मनुष्य के आगमन के समय अनंत परमात्मा ने अपनी प्रज्ञाशील सृजनात्मक ब्रह्माडीय ऊर्जा को मात्र विकर्षण …से ही नहीं अपितु उस शक्ति से भी परिपूर्ण किया जिसके द्वारा संसार में इधर-उधर भटकती आत्माएँ वापिस आकर ब्रह्म अर्थात ईश्वर से एक हो सकें.” योग के अवतार कहे जाने वाले उच्चकोटि के ऋषि परमहंस योगानन्दजी ने अपनी भगवद्गीता पर टीका ‘ईश्वर-अर्जुन संवाद’ में इन सुंदर शब्दों को अंकित किया है. उनका कहना है कि योग के विज्ञान को कभी भी नष्ट नहीं किया जा सकता क्योंकि यह मनुष्य के भीतर के परमसत्य से जुड़ा है.
वृत्तियों का सर्वथा रुक जाना योग है
जब अवरोहण करती आत्मा मन के प्रभाव में आती है, साधारणतया यह मानवी चेतना से एकरूप होकर सीमित हो जाती है. यह मन, पंचेंद्रियों से प्रभावित हो अपने लिए ही नहीं अन्यों के लिए भी चुनौतियाँ एवम समस्याएं पैदा कर संसार में उथल-पुथल का कारण बनता है. फिर शांति और सुख की लालसा से वह पुनः अपने अंतर में विद्यमान एकत्त्व की शक्ति से अंततः ब्रह्म में आरोहण करता है—यही योग है. महान् ऋषि पतंजली के अनुसार—योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः अर्थात चित्त अथवा अंतःकरण की वृत्तियों का सर्वथा रुक जाना योग है.
भारतवर्ष की धरोहर योग-विज्ञान
मन के अति द्रुतगामी वेग को रोकना सरल नहीं तो असंभव भी नहीं है. परंतु इसके लिए हमें कुछ विशिष्ट योग की प्रविधियों की आवश्यकता होती है. सचमुच भारतवर्ष की धरोहर योग-विज्ञान, जो संपूर्ण संसार के लिए एक उपहार है; को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इसकी महत्ता को समझते हुए 2015 में, 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में संघोषित करके संपूर्ण मानवजाति का कल्याण किया है.
योग के जनक परमहंस योगानन्द
पश्चिम में ‘योग के जनक’ कहे जाने वाले परमहंस योगानन्द जिन्होंने अपने जीवन के महत्त्वपूर्ण 30 वर्ष से भी अधिक पश्चिम में बिताए तथा भारत में योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इण्डिया और अमेरिका में सेल्फ-रियलाईजेशन फेलोशिप की स्थापना करके ध्यान के क्रियायोग विज्ञान, जो योग की एक उन्नत और विशिष्ट शैली है, की शिक्षाओं का प्रचार प्रसार करके एक सेतु बना दिया जो इच्छुक लोगों को दुख और चिंताओं की दल-दल से पार लगाने का आश्वासन प्रदान करता है.
योगानन्दजी, अपनी पुस्तक ‘योगी कथामृत’, जिसे मन और आत्मा के द्वार खोलने वाली पुस्तक माना जाता है, के 26वें अध्याय में क्रियायोग का अर्थ बताते हैं – “‘एक विशिष्ट कर्म या विधि (क्रिया) द्वारा अनंत परमतत्त्व के साथ मिलन (योग).’ इस विधि का निष्ठापूर्वक अभ्यास करने वाला योगी धीरे-धीरे, कर्म-बंधन से या कार्य-कारण संतुलन की नियमबद्ध शृंखला से मुक्त हो जाता है.”
यह महान् योग प्रविधि संसार का त्याग करने वाले संन्यासियों के लिए ही नहीं अपितु मृत्युंजय बाबाजी और उनके शिष्य लाहिडी महाशय के अनुग्रह से सभी योग के इच्छुक लोगों के लिए भी उपलब्ध है. इस महान् परिवर्तनकारी योग को सीखने हेतु पाठकगण योगदा सत्संग सोसाइटी की वेबसाइट yssi.org पर जा सकते हैं, जो एक ऐसा द्वार है जहाँ से गृह-अध्ययन की पाठमाला प्राप्त कर, योग की इस वैज्ञानिक प्रविधि को सरलता से सीख सकते हैं. पाठमाला के लिए नामांकन करवाकर मूल प्रविधियों का कुछ समय अभ्यास करके इस मानव देह को, जिसकी क्षमता 50 वाट के बल्ब जितनी है, क्रियायोग के अभ्यास से उत्पन्न करोड़ों वाट की शक्ति को सहन करने योग्य बनाया जाता है. आइए इस अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर हम स्वयं के कल्याण हेतु क्रियायोगी बनें और अपने शरीर और मन को उस महाप्राणशक्ति, जो संपूर्ण सृष्टि का आधार है, की अनन्त संभावनाओं को व्यक्त करने के योग्य बनाएं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










