Lohri 2026: आज यानी 13 जनवरी 2026, मंगलवार को लोहड़ी का पावन पर्व मनाया जा रहा है. यह त्योहार मुख्य रूप से भारत के पंजाब और हरियाणा राज्यों में मनाया जाता है. लोहड़ी मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाई जाती है. यह पर्व खास तौर पर किसान अच्छी फसल के लिए सूर्य देव और अग्नि देव को धन्यवाद देने तथा आने वाले वर्ष में अच्छी पैदावार की कामना के लिए मनाते हैं. लोहड़ी को शीत ऋतु की समाप्ति और बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक भी माना जाता है. इस दिन विशेष रूप से रात के समय पवित्र अग्नि जलाई जाती है, जिसमें गुड़, तिल, मूंगफली, रेवड़ी और अन्य सामग्री अर्पित की जाती है तथा लोककथाओं का पाठ किया जाता है.
लोहड़ी से जुड़ी प्रसिद्ध लोककथा
लोहड़ी की कथा दुल्ला भट्टी से जुड़ी हुई है. दुल्ला भट्टी पंजाब के लोकनायक थे, जो मुगल काल में अन्याय और अत्याचार के खिलाफ खड़े हुए थे. वे गरीबों की मदद करते थे और महिलाओं की रक्षा के लिए हमेशा आगे रहते थे, इसलिए लोग उन्हें बहुत सम्मान देते थे.
कथा के अनुसार, सुंदरदास नाम का एक गरीब किसान था, जिसकी दो बेटियां सुंदरी और मुंदरी थीं. गांव का नंबरदार सुंदरदास पर दबाव डाल रहा था कि वह अपनी बेटियों की शादी उससे कर दे, लेकिन यह बात सुंदरदास को स्वीकार नहीं थी. वह अपनी बेटियों की शादी कहीं और करना चाहता था. इसलिए सुंदरदास ने अपनी पूरी व्यथा जाकर दुल्ला भट्टी को बताई.
दुल्ला भट्टी ने नंबरदार को उसके गलत कामों की सजा दी और सुंदरी व मुंदरी की शादी उनकी इच्छा के अनुसार करवाई. विदाई के समय दुल्ला भट्टी के पास देने के लिए अधिक कुछ नहीं था, ऐसे में उन्होंने दोनों नवविवाहिताओं को एक सेर शक्कर देकर विदा किया.
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